स्टोन क्रशर और हॉट एंड वेट मिक्सिंग प्लांट के लिए जम्मू-कश्मीर सरकार ने लाइसेंस की अनिवार्यता खत्म कर दी है। दोनों ही तरह की इकाइयों को सरकार ने केवल औद्योगिक इकाई माना है। पहले खनन और उद्योग विभागों से अलग-अलग लाइसेंस लेने की अनिवार्यता थी। पंजीकरण के लिए दोनों विभागों की लंबी प्रक्रिया से गुजरना पड़ता था। अब केवल प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से कंसेंट टू ऑपरेट और जिला उपायुक्त से भूमि रिकॉर्ड व साइट के इस्तेमाल संबंधी एनओसी की शर्त होगी।
खास बात है कि एनओसी की प्रक्रिया को जम्मू-कश्मीर लोक सेवा गारंटी अधिनियम 2011 में शामिल कर लिया गया है। एनओसी जारी करने की प्रक्रिया के लिए 30 दिन की अवधि तय हो गई है। मंगलवार को सरकार ने जम्मू-कश्मीर स्टोन क्रशर/हॉट एंड वेट मिक्सिंग प्लांट्स विनियम नियम, 2021 की अधिसूचना जारी कर दी। हालांकि स्टोन क्रशर इकाई को खनन विभाग से जुड़ी औपचारिकताएं पूरी करनी होंगी।
बड़ी परियोजनाओं को मिलेगी राहत
सरकार ने प्रदेश में कारोबारी सुगमता और निर्माण क्षेत्र को रफ्तार देने के मकसद से यह कदम उठाया है। पूरी प्रक्रिया को पहले की तुलना में बेहद सरल कर दिया है। सबसे बड़ी राहत बड़ी परियोजनाओं को मिलेगी, जो निर्माण सामग्री न मिलने से प्रभावित हो रही हैं।
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रेत, बजरी इकाइयों को अधिकृत स्त्रोत से लेनी होनी सामग्री
नए नियमों के तहत रेत, बजरी, पत्थर इत्यादि सामग्री का प्रसंस्करण करने वाली इकाईयों को केवल अधिकृत स्रोत से ही सामग्री लेनी होगी। कोई भी इकाई प्रबंधन सरकारी योजना का लाभ लेने के लिए स्वैच्छिक रूप से आवेदन कर सकेगा। आवेदन उद्योग आधार पंजीकरण के माध्यम से करना होगा।