प्रतिबंधित आतंकी संगठनों के छद्म नामों से संगठन खड़ा कर आतंकी गतिविधियों की साजिश रचने के मामले में एनआईए ने वीरवार को कश्मीर के 3 जिलों बारामुला, शोपियां व पुलवामा में 5 स्थानों पर छापा मारा। यह कार्रवाई प्रतिबंधित संगठनों, उनके सहयोगियों या शाखाओं के कैडरों, ओजीडब्ल्यू द्वारा अपने पाकिस्तानी कमांडरों और आकाओं के इशारे पर विभिन्न छद्म नामों से रची गई आतंकी व विध्वंसक गतिविधियों को अंजाम देने की आपराधिक साजिश से संबंधित है।
कश्मीर घाटी में हिंसा की साजिश मामले में पिछले 15 दिनों के भीतर एनआईए की यह दूसरी कार्रवाई है। एजेंसी ने 11 जुलाई को दक्षिण कश्मीर में पांच स्थानों पर छापेमारी की थी। एनआईए ने पहले जिन स्थानों की तलाशी ली थी, उनमें कश्मीर घाटी के तीन जिले अनंतनाग, शोपियां और पुलवामा शामिल हैं। इसके कारण बड़े पैमाने पर आपत्तिजनक डेटा वाले कई डिजिटल उपकरणों को जब्त कर लिया गया।
जम्मू-कश्मीर में आतंकी साजिश का मामला पिछले साल 21 जून को एनआईए ने स्वत: संज्ञान लेते हुए दर्ज किया गया था। यह जम्मू-कश्मीर में स्टिकी बमों, आईईडी और छोटे हथियारों के साथ हिंसक आतंकवादी हमलों की शृंखला शुरू करने के लिए प्रतिबंधित आतंकवादी संगठनों द्वारा फिजिकल और ऑनलाइन साजिश से संबंधित है।
पाकिस्तान समर्थित संगठन जम्मू-कश्मीर में शांति और सांप्रदायिक सद्भाव को बिगाड़ने के लिए स्थानीय युवाओं को कट्टरपंथी बनाने और जमीनी कार्यकर्ताओं को संगठित करने में भी लगे हुए हैं। एनआईए की जांच के अनुसार, साजिश के पीछे पाकिस्तान में बैठक हैंडलरों की ओर से लोगों के बीच आतंक फैलाने के लिए विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफार्मों का उपयोग किया गया था।