केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर के लिए केंद्र सरकार ने खजाना खोलते हुए 1,08,621 करोड़ रुपये का दूसरा बजट बुधवार को संसद में पेश किया। यह पिछले बजट से सात हजार करोड़ रुपये अधिक है।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की ओर से पेश बजट में विकास के लिए 39,817 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। बजट का 37 फीसदी विकास और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं पर खर्च किया जाएगा।
बजट में जलशक्ति के लिए पांच हजार करोड़ रुपये से अधिक का प्रावधान किया गया है। आवास व शहरी विकास पर डेढ़ हजार करोड़ रुपये अधिक और ग्रामीण विकास के लिए 342 करोड़ रुपये अधिक राशि का प्रावधान किया गया है।
वित्त मंत्री ने कहा कि 2021-22 के बजट में अधिकतम शासन और न्यूनतम सरकार, लोगों के सामाजिक-आर्थिक विकास, बुनियादी ढांचे के विकास तथा रोजगार सृजन पर प्राथमिकता होगी। कहा कि केंद्र शासित प्रदेश बनने के बाद निचले स्तर पर लोकतंत्र मजबूत हुआ है। शासन में बदलाव आया है और विकास में तेजी आई है।
जम्मू-कश्मीर का बजट फिर एक लाख करोड़ रुपये के आंकड़े को पार कर गया है जो जम्मू-कश्मीर को विकास का मॉडल बनाने की हमारी प्रतिबद्धता का सूचक है।
-निर्मला सीतारमण, वित्त मंत्री
पिछले दो वर्षों में बजट
2020-21 : 101428 करोड़ रुपये
2019-20 : 88911 करोड़ रुपये