लेह। केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख के प्रशासन ने स्वच्छ वायु पर राज्य कार्य योजना को मंजूरी दे दी है। साथ ही केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के तहत लद्दाख प्रदूषण नियंत्रण समिति (एलपीसीसी) की तरफ से ऑनलाइन सहमति प्रबंधन एवं निगरानी प्रणाली (ओसीएमएमएस) का शुभारंभ किया है।
इसके अतिरिक्त प्रभावी अपशिष्ट प्रबंधन प्रथाओं को बढ़ावा देने के लिए जैव-चिकित्सा अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2016 के अनुरूप जैव-चिकित्सा अपशिष्ट पृथक्करण एवं निपटान पर एक सचित्र मार्गदर्शिका का अनावरण किया गया।
बैठक में केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख के सलाहकार और स्वच्छ वायु पर राज्य कार्य योजना के अध्यक्ष डॉ. पवन कोतवाल ने स्वच्छ वायु पर राज्य कार्य योजना को मंजूरी दी। वायु गुणवत्ता निगरानी समिति (एक्यूएमसी) की तरफ से तैयार की गई इस व्यापक योजना को संचालन समिति के साथ विस्तृत चर्चा के बाद अंतिम रूप दिया गया।
डॉ. कोतवाल ने देश के अन्य भागों की तुलना में लद्दाख में अपेक्षाकृत बेहतर वायु गुणवत्ता की सराहना की। उन्होंने एलपीसीसी को लेह और कारगिल जिलों में मुख्य बाजारों और हवाई अड्डों जैसे स्थानों पर दो प्रमुख डिजिटल डिस्प्ले बोर्ड लगाने का निर्देश दिया, ताकि लद्दाख को स्वच्छ वायु क्षेत्र के रूप में प्रदर्शित किया जा सके।
इसके अतिरिक्त उन्होंने प्रदूषण को कम करने और सुविधाजनक परिवहन विकल्प प्रदान करने के लिए सार्वजनिक परिवहन के लिए इलेक्ट्रिक बसों और हाइड्रोजन बसों की खरीद के लिए कठोर प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया।
उन्होंने परिवहन विभाग को निजी और व्यावसायिक दोनों वाहनों के लिए वाहन आयु सीमा निर्धारित करने के लिए एक नीति विकसित करने का निर्देश दिया।
सलाहकार ने एलपीसीसी की तरफ से विकसित जैव-चिकित्सा अपशिष्ट पृथक्करण और निपटान पर सचित्र मार्गदर्शिका का भी अनावरण किया। इस मार्गदर्शिका का उद्देश्य उचित जैव-चिकित्सा अपशिष्ट प्रबंधन के बारे में जागरूकता बढ़ाना, जैव-चिकित्सा अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2016 का अनुपालन सुनिश्चित करना और स्थायी अपशिष्ट निपटान प्रथाओं को बढ़ावा देना है।