लेह। लद्दाख स्वायत्त पर्वतीय विकास परिषद कारगिल के सीईओ और उपायुक्त श्रीकांत बलासाहेब सुस ने वीरवार को तंबाकू उत्पाद अधिनियम ( सीओटीपीए) के कार्यान्वयन की समीक्षा की। उन्होंने तंबाकू के खतरे के खिलाफ पुलिस, स्वास्थ्य और शिक्षा विभाग के अधिकारियों को सामूहिक और प्रभावी योजना बनाने के निर्देश दिए।
बैठक में राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम (एनटीसीपी) और तंबाकू मुक्त युवा अभियान के कार्यान्वयन पर चर्चा की गई। 60 दिनों के मेगा इवेंट की तैयारियों के साथ डीएलसीसी के एजेंडे पर भी विस्तार से चर्चा हुई, जिसमें 160 शैक्षणिक संस्थानों और 20 गांवों को तंबाकू मुक्त घोषित करने का लक्ष्य रखा गया है।
सीओटीपीए अधिनियम और एनटीसीपी के तहत तंबाकू नियंत्रण को सख्ती से लागू करने की भी समीक्षा की गई। इसमें तंबाकू विज्ञापनों पर प्रतिबंध और तंबाकू उत्पादों के व्यापार, उत्पादन, आपूर्ति और वितरण को नियंत्रित करने के उपाय शामिल थे।
उपायुक्त कारगिल ने पुलिस, स्वास्थ्य और शिक्षा विभाग के अधिकारियों को सामूहिक और प्रभावी योजना बनाने के निर्देश दिए ताकि जिले में तंबाकू के खतरे का मुकाबला किया जा सके। उन्होंने तंबाकू के खतरों के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए नियमित प्रवर्तन अभियान और निरंतर जागरूकता कार्यक्रमों की आवश्यकता पर जोर दिया। उपायुक्त ने जिला सूचना एवं जनसंपर्क विभाग को तंबाकू के हानिकारक प्रभावों पर व्यापक जागरूकता अभियान चलाने को कहा। साथ ही सहायक निदेशक पर्यटन को निर्देश दिया कि पर्यटन उद्योग से जुड़े चालकों और अन्य कर्मियों को तंबाकू के खतरों के बारे में जागरूक करने के लिए विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएं। बैठक में सहायक निदेशक पर्यटन रहमतुल्लाह भट, जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. जलील, मुख्य शिक्षा अधिकारी एसडी नामग्याल और अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।