श्रीनगर। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने पूर्व शिक्षा अधिकारियों के खिलाफ 2010-11 के दौरान पहाड़ी भाषी और गुज्जर-बकरवाल छात्रों के लिए 8.30 लाख रुपये की छात्रवृत्ति निधि के कथित दुरुपयोग के मामले में चार्जशीट दाखिल की है। आरोपियों में तत्कालीन जेडईओ तंगधार मोहम्मद अशरफ भट शामिल हैं।
जांच रिपोर्ट के मुताबिक आरोपियों ने साजिश के तहत छात्रवृत्ति वितरण रजिस्टर में 750 से अधिक फर्जी नाम जोड़े और धोखाधड़ी से धनराशि निकाल ली। उन्होंने तत्कालीन विधायक तंगधार और सलाहकार बोर्ड के सदस्य को उपयोगिता प्रमाणपत्रों पर हस्ताक्षर करने के लिए कथित तौर पर गुमराह भी किया था।
आरोपियों में से एक, जूनियर असिस्टेंट मोहम्मद अशरफ पासवाल पर आरोप है कि उन्होंने पांच लाख रुपये डायरेक्ट अपने निजी बैंक खाते में प्राप्त किए, जिसे बाद में दस किश्तों में निकाला गया। वह पहले से ही आय से अधिक संपत्ति के मामले में मुकदमे का सामना कर रहे हैं। चार्जशीट को बारामुला के अतिरिक्त विशेष जज भ्रष्टाचार निरोधक कोर्ट में पेश किया गया। सभी आरोपियों को हिरासत में पेश किया गया और बाद में व्यक्तिगत बांड पर रिहा कर दिया गया। अगली सुनवाई 10 सितंबर, 2025 को निर्धारित की गई है।