श्रीनगर। अमरनाथ यात्रा के करीब आने के साथ ही पहलगाम में पर्यटकों की भीड़ बढ़ना शुरू हो गई है। हजारों लोग इस खूबसूरत घाटी का अनुभव करने के लिए उमड़ना शुरू हो गए हैं।
स्थानीय और गैर स्थानीय पर्यटकों की भीड़ के कारण पिछले कुछ दिनों से पहलगाम जाने वाले रास्तों पर अच्छी खासी ट्रैफिक की आवाजाही देखने को मिल रही है। बढ़ती हुई चहल-पहल को घाटी के पर्यटन क्षेत्र के लिए एक आशाजनक संकेत के रूप में देखा जा रहा है, जो अभी भी 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के प्रभाव से उबर रहा है, जिसने शुरू में डर को जन्म दिया था।
जानकारी के अनुसार पहलगाम की वादियों का लुत्फ उठाने और गर्मी से बचने के लिए लोग यहां का रुख कर रहे हैं। माहौल उत्सवपूर्ण बन गया है क्योंकि परिवार, ट्रेकर्स और प्रकृति प्रेमी हरे-भरे घास के मैदानों, नदियों के किनारों और बेताब घाटी जैसे प्रसिद्ध पार्कों का दौरा कर रहे हैं।
पहलगाम के एक होटल व्यवसायी फारूक अहमद ने बताया कि यह लगातार दूसरा सप्ताह है जब हमने बड़ी संख्या में लोगों को आते देखा है। रविवार शाम तक ऑक्यूपेंसी 50 प्रतिशत से अधिक तक पहुंच गई। ऐसा लगता है कि मौसम फिर से गति पकड़ रहा है और हमें उम्मीद है कि आगामी यात्रा से इसमें और भी तेजी आएगी।
हमले के बाद अनिश्चितता से जूझ रहे स्थानीय व्यवसाय धीरे-धीरे आत्मविश्वास हासिल कर रहे हैं। पहलगाम मार्किट के पास एक हस्तशिल्प विक्रेता आसिफ अहमद ने कहा कि डर तो था लेकिन लोग वापस आने लगे हैं। बाजार फिर से जीवंत हो गया है और लंबे अंतराल के बाद हमारी बिक्री अच्छी होना शुरू हुई है।
पर्यटन विभाग के अधिकारियों ने कहा कि आगंतुकों की संख्या में लगातार वृद्धि एक सकारात्मक संकेत है। एक अधिकारी ने बताया कि हम सभी विभागों में सुरक्षा और समन्वय सुनिश्चित करने के लिए काम कर रहे हैं। इस सप्ताह की भीड़ से पता चलता है कि लोग पहलगाम को एक सुरक्षित पर्यटन स्थल के रूप में फिर से अपना भरोसा जता रहे हैं।
आगामी यात्रा के मद्देनजर सुरक्षा कड़ी कर दी गई है, प्रमुख मार्गों पर अतिरिक्त कर्मियों को तैनात किया गया है। यातायात विभाग और पहलगाम विकास प्राधिकरण भीड़ को नियंत्रित करने और यह सुनिश्चित करने के लिए काम कर रहे हैं ताकि भीड़ अराजकता में न बदल जाए।
पहलगाम में भीड़भाड़ की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने से यह संदेश जाने लगा है कि पहलगाम सुरक्षित स्थान है।