श्रीनगर। वर्षों आतंकवाद की आग में झुलसे जम्मू-कश्मीर में अपनों को खोने वाले परिवारों की मदद के लिए एलजी सचिवालय में विशेष प्रकोष्ठ बनाया जाएगा। मुख्य सचिव के कार्यालय में भी ऐसा ही एक प्रकोष्ठ होगा। पीड़ित परिवारों की सहायता के लिए एक टोल-फ्री नंबर भी जारी किया जाएगा।
अनंतनाग में रविवार को आतंकवाद से पीड़ित परिवारों को दिए गए भरोसे को लेकर उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने मंगलवार को श्रीनगर में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में अफसरों को इस बाबत निर्देश दिए। उन्होंने सभी एसएसपी को ताकीद किया कि जानबूझकर आतंकवाद के दबाए गए मामलों को फिर से खोलें। ऐसे मामलों में प्राथमिकी दर्ज करें। सभी उपायुक्तों को निर्देश दिया कि आतंकवादियों ने जिन लोगों की जान ली, उनके निकटतम रिश्तेदारों को प्राथमिकता के आधार पर नौकरी दी जाए। ऐसे पीड़ित परिवार जो अपना उद्यम शुरू करना चाहते हैं, उनके सदस्यों को मुद्रा योजना के तहत वित्तीय व अन्य सहायता प्रदान की जाए।
पीड़ित परिवारों की हड़पी गई जमीन मुक्त कराने के लिए तत्काल कदम उठाएं
एलजी ने कहा कि आतंकवादियों या उनके समर्थकों ने जिन परिवारों की संपत्ति या जमीन हड़पी है, उन सबको मुक्त कराने के लिए तत्काल कदम उठाया जाए। आम कश्मीरियों की हत्या में शामिल आतंकी पारिस्थितिकी तंत्र के उन तत्वों की पहचान की जाए जो सरकारी विभागों में काम कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि आतंकवाद से पीड़ित परिवारों को हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी। कई दशकों से खुलेआम घूम रहे अपराधियों को न्याय के कटघरे में लाया जाएगा। बैठक में मुख्य सचिव अटल डूल्लू, डीजीपी नलिन प्रभात समेत कई विभागों के आला अफसर मौजूद रहे।