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Jammu News: झीलों के संरक्षण के लिए तत्काल कदम उठाए जाएं

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श्रीनगर। जम्मू और कश्मीर एवं लद्दाख उच्च न्यायालय ने वुलर, सुरिन्सर-मानसर, हैगम, शालबुघ, त्सो कार और त्सो-मोरीरी सहित जम्मू-कश्मीर और लद्दाख की प्रमुख झीलों और आर्द्रभूमियों के संरक्षण के लिए रणनीतियों को अंतिम रूप देने और लागू करने के लिए तत्काल कदम उठाने का आह्वान किया है।
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मुख्य न्यायाधीश अरुण पल्ली और न्यायमूर्ति रजनीश ओसवाल की डिवीजन बेंच ने आर्द्रभूमि संरक्षण से संबंधित जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान केंद्र शासित प्रदेश प्रशासनों और पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा प्रस्तुत स्थिति रिपोर्ट और हलफनामों पर गौर किया।
अदालत को सूचित किया गया कि वुलर झील के लिए एकीकृत प्रबंधन योजना (आईएमपी) को मंत्रालय द्वारा अनुमोदित कर दिया गया है। हालांकि, सुरिन्सर और मानसर झीलों के लिए आईएमपी अभी भी जम्मू-कश्मीर प्रशासन से प्राप्त होने की प्रतीक्षा में हैं। हैगम और शालबुघ आर्द्रभूमि संरक्षण रिजर्व के लिए योजनाएं आईआईटी रुड़की द्वारा तकनीकी मूल्यांकन के अधीन हैं, और केंद्र सरकार ने आश्वासन दिया कि एक सप्ताह के भीतर जवाब को तेजी से पूरा किया जाएगा।
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