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Jammu News: लगातार छठे साल नहीं दी गई श्रीनगर की जामिया मस्जिद में नमाज की इजाजत

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श्रीनगर। लगातार छठवें साल शब-ए-बरात के पवित्र अवसर पर ऐतिहासिक जामिया मस्जिद में सामूहिक नमाज की इजाजत नहीं दी गई। इसे लेकर वीरवार की रात को मुख्यमंत्री ने एक्स पर पोस्ट करते हुए इस कदम की आलोचना की और नमाज की इजाजत न देने को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। वहीं हुर्रियत कांफ्रेंस के नेता मीरवाइज उमर फारूक को नजरबंद रखा गया। इसे लेकर पीडीपी ने रोष जताया है।
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सीएम उमर अब्दुल्ला ने एक्स पर लिखा कि यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है कि सुरक्षा एजेंसियों ने इस्लामिक कैलेंडर की सबसे पवित्र रातों में से एक शब-ए-बरात पर ऐतिहासिक जामिया मस्जिद, श्रीनगर को सील करने का निर्णय लिया है। यह निर्णय लोगों में विश्वास की कमी और कानून एवं व्यवस्था मशीनरी में विश्वास की कमी को दर्शाता है। लगता है कि जब तक प्रतिबंध नहीं कड़े किए जाते हैं, तब तक शांति कायम नहीं होगी। श्रीनगर के लोग बेहतरी के हकदार हैं।

धार्मिक कर्तव्यों का पालन नहीं कर पा रहे मीरवाइज
अंजुमन औकाफ जामिया मस्जिद ने बताया कि मीरवाइज उमर फारूक को वीरवार सुबह एक बार फिर उनके आवास पर नजरबंद कर दिया गया, जिससे वे अपने धार्मिक कर्तव्यों का पालन नहीं कर पा रहे हैं।
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महबूबा बोलीं-अपमानजनक और अनावश्यक
पीडीपी की अध्यक्ष महबूबा मुफ़्ती ने एक्स पर पोस्ट कर शब-ए-बरात के मौके पर मीरवाइज उमर फारूक को नजरबंद करने की खबर पर रोष व्यक्त किया है। उन्होंने एक्स पर लिखा कि खबर सुनकर मैं हैरान हूं। इसके अलावा, जामा मस्जिद को भी बंद कर दिया गया है और आम जनता के लिए इसे प्रतिबंधित कर दिया गया है। यह पूरी तरह से अपमानजनक और अनावश्यक है।

उन्होंने उपराज्यपाल मनोज सिन्हा और नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला से सवाल किया, उम्मीद है कि इस बारे में कुछ जवाब मिलेगा। महबूबा मुफ्ती ने इस कदम को अनुचित और सांविधानिक बताते हुए राज्य प्रशासन की आलोचना की है।
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