श्रीनगर। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कॉनमैन किरण पटेल के खिलाफ धनशोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत एक विशेष अदालत में अभियोजन शिकायत दर्ज की है। कोर्ट ने इस शिकायत का संज्ञान लेते हुए गुजरात के अहमदाबाद निवासी पटेल को 27 नवंबर को पेश होने का नोटिस जारी किया। पटेल ने खुद को प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) में शीर्ष अधिकारी बताकर जम्मू-कश्मीर, गुजरात समेत कई राज्यों में बहुत लोगों से ठगी की।
पिछले साल मार्च में पटेल को लोगों को ठगने और प्रशासन से अनुचित लाभ हासिल करने के लिए पीएमओ में अतिरिक्त सचिव के रूप में खुद को पेश करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। हालांकि पिछले साल 29 अगस्त को श्रीनगर की एक अदालत ने किरण पटेल को जमानत दे दी थी। ईडी ने पटेल और अन्य के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत श्रीनगर के निशात पुलिस स्टेशन में दर्ज प्राथमिकी के आधार पर जांच शुरू की है।
ईडी ने बताया कि जांच से पता चला कि महाठग पटेल ने खुद को पीएमओ का अतिरिक्त निदेशक (रणनीति एवं अभियान) बताया और लोगों को ठगने तथा अपराध से धन अर्जित करने के अपने गुप्त उद्देश्यों को पूरा करने के लिए अपनी पहचान बदलकर फर्जी विजिटिंग कार्ड बनवाए। फर्जी विजिटिंग कार्ड और गलत पहचान का उपयोग कर उसने जम्मू-कश्मीर सरकार प्रशासन से अवैध रूप से सुरक्षा का लाभ उठाया। इससे राज्य के संसाधनों और राजकोष को आर्थिक नुकसान हुआ। साथ ही उसने गुजरात के भोले-भाले व्यापारियों को भी धोखा दिया और कश्मीर घाटी में व्यापार के अवसर प्रदान करने का झूठा वादा करके अनुचित लाभ हासिल किया।
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पीएमओ अधिकारी के तौर पर हासिल की थीं सुविधाएं
पटेल उस समय सुर्खियों में आया था जब उसे श्रीनगर के एक पांच सितारा होटल से प्रधानमंत्री कार्यालय के शीर्ष अधिकारी के रूप में पेश होने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद सुरक्षा घेरे में घूमते हुए उनके वीडियो वायरल हो गए थे। गिरफ्तारी के वक्त वह कश्मीर की तीसरी यात्रा पर था। पटेल ने दावा किया था कि सरकार ने उसे दक्षिण कश्मीर में सेब के बागों के लिए खरीदारों की पहचान करने का अधिकार दिया है। पटेल को जम्मू-कश्मीर के दौरे के दौरान बुलेटप्रूफ कार, सुरक्षाकर्मी और पांच सितारा होटल में आधिकारिक आवास सहित पीएमओ के अधिकारियों को सामान्य रूप से दी जाने वाली सुविधाएं मिली हुई थीं।
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छापे में आपत्तिजनक दस्तावेज, रिकॉर्ड हुए थे जब्त
ईडी ने 19 मई, 2023 को पटेल और अन्य से जुड़े विभिन्न परिसरों पर पीएमएलए के तहत छापा मारा था और आपत्तिजनक दस्तावेज, रिकॉर्ड और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए थे। ईडी ने बताया कि मामले की जांच अभी चल रही है।