श्रीनगर। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने मंगलवार को दक्षिण कश्मीर के पुलवामा जिले को मध्य कश्मीर के बडगाम जिले से जोड़ने वाले रोहमू पुल का उद्घाटन किया। वर्ष 2014 में रोमशी नाले पर बना यह पुल भीषण बाढ़ के कारण बह गया था। उद्घाटन के बाद मंगलवार को इसे यातायात के लिए खोल दिया गया।
इस दौरान उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी, सलाहकार नासिर असलम वानी, राजपोरा से विधायक गुलाम मोहिउद्दीन मीर के अलावा अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
जानकारी के अनुसार यह पुल पुलवामा जिले को बडगाम जिले से जोड़ता है और विश्व बैंक द्वारा 2015 में इस पुल के निर्माण के लिए कुल अनुमानित लागत 25.42 करोड़ रुपये आवंटित की गई थी। पहले पुल का निर्माण कार्य जेकेपीसीसी द्वारा किया गया था। बाद में दिसंबर 2023 में निर्माण कार्य आरएंडबी विभाग को आवंटित किया गया और विभाग ने 2 साल से भी कम समय में पुल को यातायात के लिए खोल दिया। इस दौरान पत्रकारों से बात करते हुए उमर अब्दुल्ला ने कहा, यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि इसे बनने में लंबा समय लग गया। यह पुल 2104 की बाढ़ में बह गया था और इसे बनने में 11 साल लगे हैं। मुझे लगता है कि इसका उद्घाटन शायद हमारे हाथों से लिखा गया था। आज इसका उद्घाटन हुआ है और इसे जनता के लिए खोल दिया गया है। उन्होंने कहा, यह पुल दक्षिण कश्मीर को चरार-ए-शरीफ से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
वक्फ बिल हम नहीं लाए थे, इसे केंद्र ने पास किया
वक्फ बिल को लेकर पूछे गए एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, ऐसा नहीं है। स्पीकर ने आखिरी दिन सब कुछ स्पष्ट कर दिया था। शायद सदस्यों की गलती यह थी कि वे स्थगन प्रस्ताव ले आए। स्थगन प्रस्ताव केवल जम्मू-कश्मीर सरकार के कामों पर चर्चा के लिए लाया जाता है क्योंकि सरकार को जवाब देना होता है। मुझे बताएं कि अगर वह स्थगन प्रस्ताव स्वीकार हो जाता, तो हम कैसे जवाब देते, क्योंकि वक्फ बिल हम नहीं लाए थे। इसे केंद्र ने संसद में पारित किया था। अगर किसी और तरीके से या किसी अलग कानून के तहत प्रस्ताव लाया जाता, तो शायद इसे स्वीकार कर लिया जाता। अब देखना यह है कि सुप्रीम कोर्ट क्या कहता है।
स्टेटहुड पाने का सही समय आ गया
वहीं स्टेटहुड को लेकर पूछे जाने पर उमर अब्दुल्ला ने कहा, हमें लगता है कि सही समय आ गया है, विधानसभा चुनाव को छह महीने बीत चुके हैं। शाह यहां आए थे, मैंने उनसे अलग से एक बैठक की, जो अच्छी रही और मुझे अभी भी उम्मीद है कि जम्मू-कश्मीर को जल्द ही अपना राज्य का दर्जा वापस मिल जाएगा।