श्रीनगर। कश्मीर में बदली सोच दिखाई दे रही है। पहलगाम में पर्यटकों पर आतंकी हमले के बाद से आम कश्मीरी इस पर रोष जाहिर कर रहे हैं। शुक्रवार को जुमे की नमाज के दौरान मस्जिदों से हमले में मृत लोगों की आत्मा की शांति और घायलों के जल्द ठीक होने की दुआ की गई।
कश्मीरियों की रोजी-रोटी पर्यटन से जुड़ी है और गर्मी के 3-4 महीनों की कमाई से पूरे साल का खर्चा चलता है। पहले आतंकी कभी पर्यटकों पर हमला नहीं करते थे, इससे उन्हें स्थानीय मदद खोने का खतरा रहता था। इस बार हमला पर्यटकों पर हुआ है। कश्मीर के आम लोग इस हमले को अपने ऊपर हुए हमले की तरह ले रहे हैं। नमाज के बाद कई मस्जिदों से आतंक के विरोध में जुलूस भी निकाले गए।
मीरवाइज ने चार हफ्तों के बाद जामिया मस्जिद में दिया खुत्बा
- पहलगाम हमले की निंदा की, सरकार से हमले में घायल पर्यटकों से मिलने की इजाज़त मांगी
अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। हुर्रियत कांफ्रेंस के अध्यक्ष मीरवाइज उमर फारूक ने शुक्रवार को पहलगाम हमले की निंदा की। उन्होंने कहा कि यह अस्वीकार्य है, वहीं यहां जामिया मस्जिद में नमाज अदा कर रहे लोगों ने पीड़ितों के साथ एकजुटता व्यक्त करने के लिए एक मिनट का मौन रखा।
मीरवाइज को चार सप्ताह के बाद शहर के नौहट्टा इलाके में स्थित भव्य मस्जिद में शुक्रवार की सामूहिक नमाज अदा करने की इजाजत दी गई। उन्होंने सरकार से हमले में घायल हुए लोगों से मिलने की इजाजत मांगी। मीरवाइज ने मस्जिद में उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा, हत्याओं ने हमारे दिलों को छलनी कर दिया है।