लेह। लद्दाख अकादमी ऑफ आर्ट, कल्चर एंड लैंग्वेजेज 27 सितंबर को तुर्तुक में एक राष्ट्रीय उर्दू सेमिनार का आयोजन करेगी। प्रसिद्ध उर्दू विद्वान खयाल लद्दाखी ने कहा, कहा कि तुर्तुक नियंत्रण रेखा के पास स्थित एक गांव है, जो 1971 के भारत-पाक युद्ध के बाद भारत का हिस्सा बना। यहां पहुंचने के लिए दुनिया के सबसे ऊंचे मोटर योग्य दर्रा खारदुंग ला (18,000 फीट की ऊंचाई पर स्थित) को पार करना पड़ता है। यह सेमिनार दो खंडों में आयोजित किया जाएगा: एक ''''पेपर रीडिंग सेगमेंट'''' और एक ''''काव्य संगोष्ठी'''' (मुशायरा)। लखनऊ, कानपुर, श्रीनगर, कारगिल और द्रास के विद्वान अपने शोध पत्र प्रस्तुत करेंगे, जबकि अलीगढ़, कानपुर, लखनऊ, दिल्ली, चंडीगढ़, श्रीनगर, कारगिल और लेह सहित विभिन्न शहरों के 15 से अधिक कवि, और तुर्तुक और बोगडांग के स्थानीय कवि मुशायरे में भाग लेंगे।