इस बार अमरनाथ यात्रा में 6 लाख शिवभक्तों के आवागमन की संभावना को देखते हुए तैयारियां की जा रही हैं। दोनों ट्रैक से पवित्र गुफा की ओर जाने और वापस आने वाले यात्रियों के लिए दैनिक आधार पर ट्राजिस्ट कैंपों में 1.22 लाख क्षमता वाले यात्रियों को ठहराने की व्यवस्था की जाएगी। मुख्य सचिव बीवीआर सुब्रहमण्यम ने बुधवार को विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक कर अमरनाथ यात्रा की तैयारियों की समीक्षा की।
मुख्य सचिव ने विशेष रूप से जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग और बालटाल व चंदनबाड़ी रूट से तीर्थ यात्रियों की सुरक्षा, सुगम यात्रा और सुरक्षित आवागमन के लिए उचित प्रबंध करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि दोनों संभागीय प्रशासन छह लाख यात्रियों के आवागमन के उद्देश्य के साथ इंतजामों को सुनिश्चित बनाएं। उन्होंने मंडलायुक्त कश्मीर और जम्मू को यात्रा रूट कठुआ, सांबा, जम्मू, उधमपुर, रामबन, अनंतनाग, श्रीनगर, बालटाल और चंदनबाड़ी में प्रबंधों की निगरानी करने को कहा।
जिला उपायुक्तों को संबंधित क्षेत्रों में ट्राजिस्ट कैंपों में यात्री क्षमता बढ़ाने को कहा गया है। इन कैंपों में सभी जरूरी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएं। यात्रा से पूर्व सभी इंतजामों को सुनिश्चित बनाने को कहा गया। आगामी एक अप्रैल से यात्रा के लिए अग्रिम यात्री पंजीकरण शुरू किया जा रहा है।