बाड़ी ब्राह्मणा। क्षेत्र के बीरपुर-पुरमंडल मुख्य मार्ग पर खस्ताहाल सड़क ने वाहन चालकों और पैदल राहगीरों दोनों को परेशान कर दिया है। पिछले एक साल से निरंतर बारिश और भारी यातायात के चलते सड़क बड़े-बड़े गड्ढों में तब्दील हो चुकी है, जिससे आए दिन वाहन अनियंत्रित होकर हादसों का शिकार हो रहे हैं। पिछले एक साल में सड़क दुर्घटनाओं में बढ़ोतरी हुई है।
पुरमंडल उत्तर वाहिनी तीर्थ स्थान, जिसे ''''छोटा काशी'''' भी कहा जाता है, जाने वाले हजारों श्रद्धालु रोजाना इसी मार्ग का इस्तेमाल करते हैं। सड़क की दुर्दशा के कारण यात्रियों की परेशानियां दोगुनी हो गई हैं। हालिया महीनों में जम्मू क्षेत्र में बारिश से राजमार्गों और स्थानीय सड़कों पर यातायात बाधित होने की घटनाएं सामने आई हैं, जिससे यात्रियों को खासी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है।
पुरमंडल मोड़ से बीरपुर तक स्थापित औद्योगिक इकाइयों के कारण इस मार्ग पर भारी मालवाहक वाहनों का आना-जाना लगा रहता है। सड़क की सबसे ज्यादा खराब हालत बीरपुर तक देखी जा रही है, जहां बड़े ट्रक और मालवाहक वाहन फैक्ट्रियों में सामान पहुंचा रहे हैं। वाहन चालक जान जोखिम में डालकर औद्योगिक क्षेत्र में माल पहुंचा रहे हैं।
पीडब्ल्यूडी विभाग की तरफ से गड्ढों की भराई तो की जाती है लेकिन यह काम मात्र खानापूर्ति तक सीमित है। अत्यधिक यातायात और भारी वाहनों के चलने से भराई का मलबा टिक नहीं पाता और सड़क मार्ग दोबारा गड्ढों में तब्दील हो जाता है। क्षेत्रवासी विभाग के इस रवैये से नाराज हैं और लापरवाही का आरोप लगा रहे हैं।
पूर्व सरपंच गौतम सिंह जमवाल ने कहा कि सड़क की इतनी खस्ताहालत 90 के दशक में भी नहीं हुई। वाहन चालक तो हादसे का शिकार हो ही रहे हैं, अब पैदल राहगीरों का चलना भी दुश्वार हो गया है। उन्होंने कहा कि विभाग की सरासर लापरवाही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि तत्काल स्थायी मरम्मत की जाए, नहीं तो आगे बड़े हादसे हो सकते हैं।
स्थानीय लोग और वाहन चालक मांग कर रहे हैं कि पीडब्ल्यूडी विभाग तत्काल स्थायी मरम्मत करवाए और भारी वाहनों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित करे। साथ ही तीर्थ यात्रियों की सुविधा के लिए इस मार्ग को प्राथमिकता पर ठीक किया जाए। (संवाद)
एक्सईएन ज्योतिका संबयाल ने बताया कि पुरमंडल मोड़ से पुरमंडल तक 22 किलोमीटर सड़क मार्ग का प्रस्ताव बनाकर सरकार को भेजा गया है। जिसे दो चरण में मुकम्मल किया जाएगा। मंजूरी मिलते ही टेंडर प्रक्रिया के बाद निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा।