पुरमंडल। पुरमंडल में इन दिनों बिजली विभाग की तरफ से नए खंभे लगाने और नई विद्युत लाइन बिछाने का कार्य चल रहा है। इस कार्य को लेकर स्थानीय लोगों ने गंभीर आपत्ति जताई है। उनका आरोप है कि विभाग की तरफ से 11 हजार वोल्ट क्षमता वाली हाई टेंशन लाइन बिछाते समय सुरक्षा मानकों की अनदेखी की जा रही है।
स्थानीय निवासियों के अनुसार सार्वजनिक स्थलों पर लगाए जा रहे लोहे के खंभे भविष्य में खतरे का कारण बन सकते हैं। लोगों ने बताया कि इन खंभों पर डाली जा रही 11 केवी की तारें पैदल चलने वाले लोहे के पुल के बिल्कुल पास से गुजारी जा रही हैं। यह पुल पुरमंडल में मंदिरों की ओर जाने का मुख्य मार्ग है, जहां से प्रतिदिन सैकड़ों श्रद्धालु और स्थानीय लोग गुजरते हैं।
लोगों ने आशंका जताई कि यदि तारों में किसी प्रकार की तकनीकी खराबी, शॉर्ट सर्किट या करंट लीकेज की स्थिति उत्पन्न होती है तो बड़ा हादसा हो सकता है। बरसात या नमी के मौसम में लोहे के पुल के समीप हाई वोल्टेज लाइन होना और भी जोखिम भरा साबित हो सकता है।
पूर्व शिक्षक गोविंद राम शर्मा, पूर्व शिक्षक परस राम, पूर्व पंच अनिल वर्मा और पूर्व पंच सुरेश कुमार रोहित गोस्वामी सहित कई स्थानीय लोगों ने बताया कि कुछ महीने पहले इसी क्षेत्र में बिजली लाइन से जुड़े हादसे में दो लोगों की करंट लगने से मृत्यु हो चुकी है। ऐसे में विभाग को विशेष सतर्कता बरतनी चाहिए, खासकर उस मार्ग पर जो ऐतिहासिक मंदिरों की ओर जाता है और जहां आवागमन लगातार बना रहता है।
स्थानीय नागरिकों ने यह भी कहा कि मंदिरों और आसपास के रिहायशी क्षेत्रों में पहले से लगी बिजली लाइन काफी पुरानी और जर्जर हो चुकी है। कई स्थानों पर तारें ढीली लटक रही हैं और खंभों की स्थिति भी संतोषजनक नहीं है। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि पुरानी लाइन की मरम्मत और सुधार कार्य प्राथमिकता के आधार पर किया जाए।
अंत में लोगों ने प्रशासन और बिजली विभाग से अपील की है कि नई लगने वाली बिजली लाइन को निर्धारित सुरक्षा मानकों और उचित दूरी के नियमों के अनुसार लगाया जाए, ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना से बचा जा सके और क्षेत्र के लोगों व श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।