सांबा। शुक्रवार सुबह हुई तेज बारिश के बाद सांबा-मानसर मार्ग एक बार फिर भूस्खलन की चपेट में आ गया। पहाड़ी से मलबा और पत्थर गिरने के कारण मार्ग अवरुद्ध हो गया। इससे सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यात्रियों को घंटों तक परेशानी का सामना करना पड़ा।
मार्ग बहाल करने के लिए सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) ने दो मशीनें मौके पर तैनात कर मलबा हटाने का कार्य शुरू कर दिया है। हालांकि लगातार मलबा गिरने और भारी मात्रा में मिट्टी जमा होने के कारण यातायात सामान्य होने में समय लगा और जाम की स्थिति बनी रही।
वहीं लगातार बारिश के कारण चिला डंगा मार्ग भी क्षतिग्रस्त हो गया है। सड़क टूटने से इस मार्ग पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित रही, जिससे स्थानीय लोगों को आवागमन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से मांग की है कि क्षतिग्रस्त मार्गों की जल्द से जल्द मरम्मत कराई जाए तथा स्थायी सुरक्षा उपाय किए जाएं, ताकि हर बारिश के दौरान लोगों को ऐसी परेशानियों का सामना न करना पड़े और यातायात सुचारु रूप से चल सके।
नाले में आई बाढ़ से किसानों की भूमि का कटाव, कई एकड़ कृषि भूमि को नुकसान
सांबा। जिले के पुरानी कली क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश के बाद नाले में आई बाढ़ ने किसानों की कृषि भूमि को भारी नुकसान पहुंचाया है। तेज बहाव के कारण बड़े पैमाने पर भूमि कटाव हुआ। इससे किसानों की कई एकड़ उपजाऊ जमीन नाले की भेंट चढ़ गई।
किसान राजेंद्र सिंह, मनोहर, दिनेश, सोहन ने बताया कि पिछले दो-तीन बार हुई भारी बारिश के दौरान नाले में आए तेज बहाव से लगातार भूमि का कटाव हो रहा है। हालात ऐसे हैं कि कई बड़े-बड़े पेड़ भी जड़ों समेत उखड़कर पानी के साथ बह गए, जिससे नुकसान और बढ़ गया है।
प्रभावित किसानों का कहना है कि यदि समय रहते सुरक्षात्मक उपाय नहीं किए गए तो आने वाले दिनों में उनकी और अधिक कृषि भूमि नष्ट हो सकती है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि नाले के किनारे क्रेट वॉल लगाई जाए ताकि भूमि कटाव को रोका जा सके और किसानों की बची हुई खेती सुरक्षित रह सके।
किसानों ने प्रशासन से नुकसान का आकलन कर उचित मुआवजा देने तथा स्थायी सुरक्षा कार्य जल्द शुरू कराने की भी मांग की है ताकि भविष्य में बाढ़ और भूमि कटाव से होने वाले नुकसान को रोका जा सके।