क्षेत्र में साल 1977 में बनाई गई संपर्क नहरें जर्जर, अधिक पानी का दबाव सहने में असक्षम
संवाद न्यूज एजेंसी
सांबा। जम्मू-कश्मीर सरकार की ओर से रावी दरिया का पानी सांबा तक पहुंचाने की योजना को लेकर किसानों ने चिंता व्यक्त की है। किसानों का कहना है कि क्षेत्र में वर्ष 1977 में बनाई गई संपर्क नहरें जर्जर हालत में हैं और अधिक पानी का दबाव सहने में सक्षम नहीं हैं।
किसान जानकार सिंह, राज सिंह और शिवदेव सिंह ने बताया कि वर्तमान में उज्ज दरिया का पानी छोड़ने पर भी कई स्थानों पर नहरें टूट जाती हैं। ऐसे में यदि रावी दरिया का अतिरिक्त पानी इन नहरों में छोड़ा गया तो स्थिति और गंभीर हो सकती है। उन्होंने कहा कि सरकार की योजना किसानों के हित में हैं लेकिन पहले पुरानी नहरों की मरम्मत और उन्हें मजबूत बनाना जरूरी है। किसानों के अनुसार बिना सुधार कार्य के रावी का पानी सांबा तक सुरक्षित रूप से पहुंचाना मुश्किल रहेगा। किसानों ने सरकार और संबंधित विभाग से मांग की है कि संपर्क नहरों की हालत का सर्वे करवाकर जल्द मरम्मत कार्य शुरू किया जाए।
कोट
नहरों की मरम्मत चल रही है। एक सप्ताह तक उज्ज का पानी नहरों में छोड़ा जाएगा, रावी दरिया का पानी अभी नहीं मिलेगा, पहले नहरों की स्थिति की समीक्षा की जाएगी।
- अभिषेक आनंद, टीए, सिंचाई विभाग