सांबा। जिला मुख्यालय नंदनी में नेशनल वेक्टर बोर्न डिजीज कंट्रोल प्रोग्राम के तहत एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसकी अध्यक्षता उपायुक्त सांबा राजेश शर्मा ने की। कार्यशाला का मकसद बोर्न वेक्टर-जनित रोगों (डेंगू और मलेरिया) के बारे में जागरूकता बढ़ाने और इसे प्रभावी कार्यान्वयन के लिए प्रमुख विभागों के बीच समन्वय को मजबूत करना रहा।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी सांबा डॉ. विधि भटियाल ने भाग लेने वाले हितधारकों का स्वागत किया। उन्होंने जिला सांबा में एनवीबीडीसीपी के तहत स्थिति और चल रही पहल से अवगत करवाया। जिला स्वास्थ्य अधिकारी ने इस ढांचे की एक व्यापक रूपरेखा साझा की, जबकि डॉ. सुहानी ने वेक्टर जनित रोगों के पैथोफिज़ियोलॉजी पर अपने विचार रखे।
डॉ. हिमांशु ने मलेरिया और डेंगू जैसे रोगों के नैदानिक पहलुओं और उपचार प्रोटोकॉल पर अपने विचार रखे। उपायुक्त ने रोगों के प्रसार पर अंकुश लगाने के लिए सक्रिय और सहयोगी उपायों की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को प्रभावी रोकथाम और नियंत्रण रणनीतियों को तैयार करने का निर्देश दिया, जिसमें जिला-स्तरीय कार्य योजना में नियंत्रण विधियों और सामुदायिक जागरूकता अभियानों के एकीकरण करना शामिल है। उपायुक्त ने सभी क्षेत्रों में कार्यक्रम के कुशल कार्यान्वयन को सुनिश्चित करने के लिए स्वास्थ्य विभाग, नगरपालिका निकायों, आईसीडी, शिक्षा विभाग और अन्य हितधारकों को शामिल करने वाले अंतर-विभागीय समन्वय के महत्व पर भी जोर दिया। इसमें रोग निगरानी, प्रबंधन और सार्वजनिक जुड़ाव के विभिन्न पहलुओं पर अधिकारियों और चिकित्सा पेशेवरों को संवेदनशील बनाने के लिए एक मंच के रूप में कार्य किया।
इस अवसर पर एडीडीसी सांबा चंपा देवी ठाकुर, शिक्षा, नगर पालिका, जिला नोडल अधिकारियों, जोनल मेडिकल ऑफिसर्स और अन्य प्रमुख अधिकारियों ने कार्यशाला में भाग लिया ।