सांबा। कस्बे के माहेश्वर इलाके के आप शंभू मंदिर के प्रति लोगों की भारी आस्था है। मान्यता के अनुसार इस मंदिर का शिवलिंग स्वयं ही प्रगट हुआ था। सावन माह में इस मंदिर में भारी भीड़ रहती है। सुबह शाम भोलेनाथ के जयकारे गूंजते रहते हैं। महाशिवरात्रि पर विशाल मेले का आयोजन किया जाता है।
आप शंभू मंदिर से जुड़ी कहानी के अनुसार पुराने समय में आप शंभू मंदिर के आसपास घना जंगल हुआ करता था। एक चरवाहा मवेशियों को जंगल में घास चराने के लिए लाया करता था। मवेशियों के झुंड में से एक दुधारू गाय भी थी जो काफी दूध देती थी, लेकिन उसका सारा दूध उस व्यक्ति के परिवार को कभी नहीं मिला।
गाय रोज मवेशियों के साथ घास चरने के दौरान अचानक ही दो-तीन घंटे के लिए गायब हो जाती थी। एक दिन चरवाहे ने गाय का पीछा किया और देखा कि गाय एक स्थान पर खड़ी है और उसके थनों से दूध की धारा अपने आप ही बहती जा रही है। चरवाहे ने पास जाकर देखा तो एक पत्थर पर दूध गिर रहा था और वहीं खत्म हो रहा था। चरवाहे को गुस्सा आया और उसने अपनी कुल्हाड़ी से उस पत्थर पर जोरदार प्रहार कर दिया, जिससे उसमें से खून निकलने लगा।
जब यह बात वहां के राजा को पता चली तो उन्होंने खुद उस स्थान पर जाकर देखा। पत्थर को देखा तो कहा गया कि यह भगवान शंकर का रूप है। इसके बाद उन्होंने उसी स्थान पर मंदिर का निर्माण करवाया। जो आज आप शंभु मंदिर के नाम से मशहूर है।