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Jammu News: लद्दाख की तर्ज पर दिया जाए अस्थायी कर्मियों को वेतन

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सांबा। जलशक्ति विभाग के अस्थायी कर्मियों ने 20 अप्रैल से हड़ताल पर जाने की चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि सरकार की तरफ से बनाई जा रही कमेटी पर भरोसा नही है। वहीं इससे पहले भी जो सरकारें आईं, उन्होंने भी ऐसी ही कमेटियां बना कर उन्हें बेवकूफ बनाया। उन्होंने मांग की कि लेह लद्दाख यूटी की तर्ज पर वेतन का आर्डर निकाला जाए।
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जलशक्ति विभाग के दैनिक वेतन भोगी संगठन के जिला प्रधान राकेश कुमार और रंजीत सिंह ने कहा कि जम्मू कश्मीर में कई सरकारें आईं, लेकिन किसी ने भी अस्थायी कर्मचारियों की सुध नहीं ली। उन्होंने कहा कि उन्हें लद्दाख यूटी की तर्ज पर दैनिक वेतन दिया जाए। इसके लिए आर्डर निकाला जाए।
दैनिक वेतन भोगियों के अनुसार उन्हें विभाग में काम करते हुए 20 से 25 वर्ष तक हो चुके हैं। आज भी उनका 72 महीनों का वेतन बकाया है जो विभाग ने उन्हें दिया ही नही है। इसके लिए उन्होंने राज्य के मुख्यमंत्री, एलजी, केंद्र से आने वाले मंत्रियों तक को ज्ञापन दिए हैं लेकिन कोई समाधान ही नही किया गया है। अब वह 20 मार्च शाम आठ बजे से काम छोड़ो हड़ताल पर जा रहे हैं। 72 घंटे की हड़ताल रहेगी, इसमें पानी की आपूर्ति तक बाधित की जाएगी।
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बता दें, 2014 में नेकां सरकार ने एक कमेटी का गठन किया था। कमेटी ने जिला स्तर पर पहुंच कर दैनिक वेतन भोगियों की समस्याएं सुनी थीं, उसके बाद कुछ नहीं हुआ।
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कब-कब बनी कमेटियां
1. 2019 में पीडीपी भाजपा की सरकार में भी कमेटी का गठन किया गया था। कमेटी ने अपनी रिपोर्ट भी सौंपा दी थी लेकिन फिर कुछ नहीं हुआ।
2. कुछ माह पूर्व उपराज्यपाल ने भी एक कमेटी बनाकर दैनिक वेतन भोगियों की समस्याओं को सुना था।
3. एक बार फिर से जम्मू-कश्मीर की नेकां सरकार कमेटी का गठन कर पांच माह में रिपोर्ट देने को कह रही है।
4. जिले में जलशक्ति विभाग में कुल 1270 कर्मी हैं। जो कई वर्षों से अपनी मांगों को लेकर संघर्षरत हैं।
5. दैनिक वेतन भोगियों को दैनिक 311 रुपये ही वेतन दिया जा रहा है, जबकि लेह लद्दाख में 41000 रुपये दिया जाता है।
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