याचिकाकर्ताओं ने गार्जियंस एंड वार्ड्स एक्ट की धारा 12 के तहत अदालत में याचिका दायर कर बच्ची से मुलाकात का अधिकार मांगा था। सुनवाई के दौरान बच्ची की मां अदालत में पेश हुईं। उन्होंने कहा कि याचिकाकर्ताओं को सप्ताह में एक बार स्कूल में बच्ची से मिलने की अनुमति दिए जाने पर उन्हें कोई आपत्ति नहीं है।
बच्ची भी अदालत में मौजूद थी। उसने याचिकाकर्ताओं के साथ अंतरिम अभिरक्षा में जाने से इन्कार करते हुए स्कूल में ही मिलने की इच्छा जताई। अदालत ने बच्ची के बयान और पक्षकारों की सहमति को ध्यान में रखते हुए याचिका स्वीकार कर ली। स्कूल के प्रधानाचार्य को प्रत्येक शनिवार निर्धारित समय पर पिता और दादा की बच्ची से मुलाकात सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बच्ची की देखभाल की जिम्मेदारी मां की रहेगी।