सांबा के औद्योगिक क्षेत्र की टूटी सड़क से गुजरता स्कूटी चालक।
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सांबा। सिडको औद्योगिक क्षेत्र की सड़कों की बदहाल स्थिति को लेकर लगातार शिकायतों और खबरों के बावजूद हालात जस के तस बने हुए हैं। जगह-जगह गहरे गड्ढों ने सड़कों को खतरनाक बना दिया है। इससे रोजाना हादसों का खतरा मंडरा रहा है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि औद्योगिक विकास विभाग पूरी तरह मूकदर्शक बना हुआ है। भारी वाहनों की आवाजाही और टूटी सड़कों के कारण हालात और भी बिगड़ते जा रहे हैं।
संदीप सिंह ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि यह सड़कें नहीं, हादसों का जाल बन चुकी हैं। हर दिन हम लोग अपनी जान जोखिम में डालकर यहां से गुजरते हैं। कई बार शिकायतें दीं लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। अगर किसी दिन बड़ा हादसा हो गया तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा। प्रशासन सिर्फ कागजों में काम दिखा रहा है, जमीनी हकीकत बिल्कुल अलग है।
राजन कुमार ने कहा कि औद्योगिक क्षेत्र होने के बावजूद यहां की हालत किसी गांव की टूटी पगडंडी जैसी हो गई है। अधिकारी सिर्फ आश्वासन देते हैं लेकिन कोई काम नजर नहीं आता।
नीलम संब्याल ने कहा कि रोज इस रास्ते से गुजरते समय डर लगा रहता है। खासकर दोपहिया चालकों के लिए यह रास्ता बेहद खतरनाक है लेकिन विभाग को कोई फर्क नहीं पड़ रहा।
वहीं औद्योगिक विकास विभाग के प्रबंधक पवन कुमार के अनुसार मुख्य मार्ग के बाद अब संपर्क मार्गों की मरम्मत प्राथमिकता में रखी गई है। जल्द ही औद्योगिक क्षेत्र की शेष सड़कों को दुरुस्त करने का कार्य शुरू किया जाएगा।
स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसे आश्वासन पहले भी दिए जा चुके हैं लेकिन जमीनी स्तर पर कोई बदलाव नहीं दिखा। लोगों ने साफ चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही मरम्मत कार्य शुरू नहीं हुआ तो वे सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करेंगे। फिलहाल सिडको क्षेत्र की सड़कों की हालत प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है।