सांबा। जिले में एलपीजी गैस की किल्लत का असर अब आम लोगों की थाली तक पहुंच गया है। गैस सिलिंडर की अनियमित आपूर्ति के चलते ढाबों और खाने-पीने की दुकानों पर खाद्य पदार्थों के दामों में 20 से 30 प्रतिशत की बढ़ोतरी हो गई है।
स्थानीय दुकानदारों का कहना है कि गैस सिलिंडर समय पर नहीं मिल रहे। इससे उन्हें महंगे दामों पर सिलिंडर खरीदने पड़ रहे हैं।एक ढाबा संचालक,गोपाल कुमार ने बताया कि पहले हमें आसानी से सिलिंडर मिल जाता था, लेकिन अब कई-कई दिनों तक इंतजार करना पड़ता है। मजबूरी में महंगे दाम पर गैस खरीदनी पड़ रही है या लकड़ी खरीदकर तंदूर जलाकर सामान तैयार करना पड़ रहा है। इसलिए खाने-पीने की चीजों के दाम बढ़ाने पड़े हैं। गैस की किल्लत के चलते चाय के दाम 10 रुपए से बढ़ाकर 15 रुपये किए गए हैं। समोसा 10 रुपये से बढ़कर 15 रुपये। परांठा 30 से बढ़कर 40 रुपये हो गया है। चपाती का दाम भी 10 से बढ़ाकर 15 रुपये कर दिया गया है। वहीं फास्ट फूड और रेस्टोरेंट में भी खाने पीने की चीजों के दाम 20 से 30 प्रतिशत बढ़ा दिए गए हैं।
खाद्य पदार्थों की बढ़ती कीमतों से आम लोग खासे परेशान हैं। स्थानीय मजदूर कालीदास ने कहा कि हम रोज ढाबे पर खाना खाते हैं, लेकिन अब खर्च बढ़ गया है। चाय और नाश्ता ही महंगा हो गया है, जिससे दिक्कत हो रही है।
वहीं एक अन्य ग्राहक पूजा देवी ने बताया कि घर और बाहर दोनों जगह गैस की समस्या है। ऊपर से फास्टफ़ूड और रेस्त्रां में भी दाम बढ़ गए हैं, जिससे बजट संभालना मुश्किल हो गया है।
एलपीजी संकट का असर घरेलू रसोई पर भी साफ नजर आ रहा है। लोगों को समय पर सिलिंडर नहीं मिल पा रहे हैं, जिससे खाना बनाने में भी दिक्कतें आ रही हैं। शालू देवी ने बताया कि शहरी इलाकों में 25 दिनों बाद गैस की बुकिंग हो रही है। उसमें भी ओटीपी देरी से आने के कारण बुकिंग में परेशानी हो रही है। सिलिंडरों की कमी के कारण अब लोगों को चूल्हों का सहारा लेना पड़ रहा है।
प्रशासन की सफाई
जिला प्रशासन का कहना है कि सांबा जिले में एलपीजी और पेट्रोल-डीज़ल का पर्याप्त स्टॉक है। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे घबराहट में अनावश्यक बुकिंग या ईंधन का भंडारण न करें और किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें। गैस एजेंसी से जुड़े अधिकारी जसवंत कुमार का कहना है कि आपूर्ति में अस्थायी बाधा के कारण यह समस्या आई है। घरेलू उपभोक्ताओं को एलपीजी गैस की आपूर्ति में सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है ताकि आम परिवारों को किसी तरह की परेशानी न हो। हालांकि व्यावसायिक आपूर्ति में कुछ कमी आई है लेकिन जल्द ही स्थिति सामान्य कर दी जाएगी।
स्थानीय लोगों और व्यापारियों ने मांग की है कि एलपीजी की आपूर्ति जल्द सुचारू की जाए, ताकि महंगाई पर काबू पाया जा सके और आम जनता को राहत मिल सके।