सांबा। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने भूमि विवाद और मारपीट के आरोपों में एफआईआर दर्ज करने की मांग को लेकर दायर अर्जी को गैर-पोषणीय बताते हुए खारिज कर दिया। मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी स्मृति शर्मा की अदालत ने स्पष्ट किया कि कानून में निर्धारित प्रक्रिया का पालन किए बिना सीधे अदालत का दरवाजा नहीं खटखटाया जा सकता।
मामले के अनुसार विजयपुर गांव सलमेरी निवासी हरित भल्ला ने आरोप लगाया था कि साहिब अग्रवाल और मधु अग्रवाल ने उनकी पत्नी की जमीन पर जबरन कब्जा कर निर्माण शुरू कर दिया तथा विरोध करने पर मारपीट और जान से मारने की धमकी दी। पुलिस कार्रवाई न होने पर अदालत से एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश की मांग की गई थी।
वहीं पुलिस रिपोर्ट में बताया गया कि संबंधित भूमि राजस्व रिकॉर्ड में आरोपियों के नाम दर्ज है। पहले ही शिकायत के आधार पर विजयपुर थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच पूरी कर चालान पेश किया जा चुका है।
अदालत ने पाया कि आवेदक ने पहले थानाध्यक्ष और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को विधिवत लिखित शिकायत नहीं दी, जोकि कानूनन आवश्यक प्रक्रिया है। इस आधार पर अर्जी खारिज कर दी गई।