सांबा। गर्भवती विवाहिता की संदिग्ध हालात में हुई मौत के मामले में आरोपी पत्नी, सास और जेठानी को कोर्ट ने आरोपों से बरी कर दिया है। मामला वर्ष 2015 में जिला सांबा के रामगढ़ तहसील की कैरांवाली गांव का है। 22 जुलाई 2015 में रेनू बाला पत्नी सुरजीत कुमार को रामगढ़ अस्पताल लाया गया जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
पुलिस चार्जशीट के अनुसार पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के मुताबिक रेनू बाला की मृत्यु जहरीले पदार्थ के सेवन से हुई थी। हालांकि उस दौरान विवाहित मृतक महिला के मायके पक्ष द्वारा कोई विरोध नहीं किया गया, लेकिन कुछ दिनों बाद मृतक महिला के मायके पक्ष की तरफ से आरोप लगाया गया कि उनकी 8 महीने की गर्भवती बेटी रेनू बाला को उसका पति सुरजीत, उसकी सास बंसो देवी और जेठानी सुमन देवी मानसिक प्रताड़ना देते थे और उससे खेतीबाड़ी समेत पूरा दिन काम करवाते थे। पुलिस ने एफआईआर 10/2016 के अंतर्गत सीआरपीसी की धारा 174 के तहत जांच शुरू की और आरपीसी की धारा 306 के तहत मामला दर्ज कर मामला कोर्ट के विचाराधीन लाया गया।
पुलिस द्वारा कोर्ट के समक्ष दायर चार्जशीट के अनुसार उनकी बेटी के ससुराल वालों ने उनकी बेटी को आत्महत्या के लिए उकसाया जिसके चलते संभवतः जहरीला पदार्थ खा लिया। कोर्ट ने लगभग 9 वर्ष तक चले इस मामले में गवाहों और दोनों पक्षों की दलीलों और गवाहों के बयानों पर विचार करने के बाद आरोपों से बरी कर दिया। कोर्ट ने आदेश में टिप्पणी की कि मामले में पर्याप्त जांच सामग्री और साक्ष्यों के अभाव में आरोपियों को दोषी नहीं ठहराया जा सकता लिहाजा उन्हें आरोपों से बरी किया जाता है।