विजयपुर। भारतीय नागरिकों को संविधान के तहत प्रदत्त मौलिक अधिकारों के बारे में जागरूकता पैदा करने के लिए सरकारी डिग्री कॉलेज विजयपुर की एनएसएस इकाई (खिदमत) ने विशेष व्याख्यान का आयोजन किया। व्याख्यान में एनएसएस स्वयंसेवकों, कॉलेज के छात्रों, शिक्षण और गैर-शिक्षण दोनों संकाय सदस्यों ने बड़े उत्साह, जोश के साथ भाग लिया।
संसाधन व्यक्ति डॉ. दिव्या गुप्ता, सहायक प्रोफेसर, विधि विभाग, हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय ने अपने व्याख्यान में कहा कि सभी भारतीय भारत के नागरिक के रूप में शांति और सद्भाव में अपना जीवन व्यतीत कर सकें। इन अधिकारों को मौलिक के रूप में जाना जाता है क्योंकि वे सर्वांगीण विकास यानी भौतिक, बौद्धिक, नैतिक और आध्यात्मिक के लिए सबसे आवश्यक है। कॉलेज की प्राचार्य डॉ. (प्रो.) वंदना वर्मा ने कहा कि इन मौलिक अधिकारों को बुनियादी मानवीय स्वतंत्रता के रूप में परिभाषित किया गया है, जहां प्रत्येक भारतीय नागरिक को व्यक्तित्व और जीवन के समुचित और सामंजस्यपूर्ण विकास के लिए आनंद लेने का अधिकार है। संवाद