अरनिया। सीमावर्ती क्षेत्र के लोगों का बिश्नाह और जम्मू जाने का मुख्य मार्ग पिछले दो वर्षों से गड्ढों में तबदील हो गया है। इसके चलते 70 गांवों की लगभग 80 हजार आबादी खस्ताहाल सड़क मार्ग से गुजरने के लिए मजबूर हैं।
अरनिया से बिश्नाह सड़क मार्ग की लंबाई कुल 30 किलोमीटर के करीब है। सड़क मार्ग की हालत निरंतर खस्ता होती जा रही है। वाहन चालक हादसे का शिकार हो रहे हैं। दुर्घटना का प्रतिशत बढ़ गया है। लोगों के वाहन क्षतिग्रस्त हो रहे हैं। पीडब्ल्यूडी विभाग द्वारा किस्तों में सड़क मार्ग को मुकम्मल करने का कार्य किया जा रहा है। तकरीबन 3 महीने पहले बिश्नाह से लेकर देओली टिब्बा तक 2 किलोमीटर मार्ग पर तारकोल डाली गई है। इसके बाद आगे के सड़क मार्ग का निर्माण कार्य ठप पड़ा है।
पीडब्ल्यूडी विभाग की तरफ से अगली किस्त में 1300 मीटर सड़क मार्ग का निर्माण कार्य रखा गया है। जिसके लिए अभी तक फंड जारी नहीं हुआ है। सीमावर्ती क्षेत्र के लोगों में खस्ताहाल सड़क मार्ग को लेकर काफी रोष है।
इस मुद्दे पर गांव तरेबा की पूर्व सरपंच बलबीर कौर ने कहा कि अरनिया-बिश्नाह मार्ग आवाजाही के लायक नहीं रहा है। लिहाजा पीडब्ल्यूडी विभाग को मुद्दे को गंभीरता से लेना चाहिए।
सीमावर्ती पंचायत चंगिया के पूर्व सरपंच रघुवीर सिंह ने कहा कि सड़क मार्ग खस्ताहाल होने से आवाजाही बाधित हो रही है। लोग खस्ताहाल सड़क मार्ग को लेकर काफी आहत हैं। लिहाजा पीडब्ल्यूडी विभाग को सड़क का निर्माण कार्य कर लोगों को सुविधा मुहैया करनी चाहिए।
कोट
पीडब्ल्यूडी विभाग के जेई पुरुषोत्तम कुमार ने बताया कि अरनिया-बिश्नाह मार्ग का निर्माण कार्य किस्तों में किया जा रहा है। देओली से लेकर लसवाड़ा तक 1300 मीटर सड़क के निर्माण कार्य का प्रस्ताव रखा है, लेकिन अभी फंड जारी नहीं हुआ है।
-पुरुषोत्तम कुमार, जेई, पीडब्ल्यूडी
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प्राथमिकता पर अरनिया-बिश्नाह मार्ग के निर्माण कार्य को मुकम्मल किया जा रहा है। देओली से लेकर लसवाड़ा तक कंकड़ बिछा दिया गया है। बरसात के बाद तारकोल डाल दी जाएगी। हलके में विकास कार्यों के लिए प्रतिबद्ध हैं।
-राजीव भगत, विधायक