बिश्नाह। बिश्नाह रिंग रोड पर रविवार देर शाम गट्टू डोर की चपेट में आने से मोटरसाइकिल सवार दंपति जख्मी हो गया। गट्टू डोर ने लखन के गले और हाथ को काट दिया। पत्नी की आंख और हाथ पर गहरा कट लगा है। लोगों ने घायल दंपति को बिश्नाह उप जिला अस्पताल पहुंचाया। लखन के गले पर गहरा कट लगने से खून काफी बह गया था। डॉक्टरों ने 8 टांके लगाकर खून के बहाव को रोका। बिश्नाह पुलिस ने अस्पताल पहुंचकर पूरे मामले को रिपोर्ट किया। इसके बाद मीरां साहिब पुलिस को मामला सौंप दिया गया।
जानकारी के अनुसार लखन सिंह पुत्र जसवीर सिंह निवासी गढ़वाल विजयपुर मीरां साहिब से विजयपुर की ओर मोटरसाइकिल पर पत्नी के साथ जा रहा था। जैसे ही वह मीरां साहिब से बिश्नाह रिंग रोड पर पुलिस नाके के पास पहुंचे तो लटक रही गट्टू डोर गले में लिपट गई। लखन सिंह जब तक मोटरसाइकिल को रोक पाता, डोर ने गले को बुरी तरह काट दिया। लखन ने हाथ से बचाव करना चाहा तो उसका हाथ भी कट गया। इतना ही नहीं गट्टू डोर से मोटरसाइकिल पर बैठी पत्नी की आंख और हाथ पर भी कट लग गया।
घटना के बाद लखन सिंह के गले से काफी खून बहने लगा। दोनों दंपति मदद के लिए चिल्लाए। रिंग रोड पर सहायता के लिए 1033 नंबर पर फोन किया गया, लेकिन रिंग रोड अथॉरिटी फोन पर बार-बार लोकेशन के बारे में ही पूछते रहे। समय रहते कुछ राहगीरों ने घायल अवस्था में दंपति को बिश्नाह उप जिला अस्पताल पहुंचाया। जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार शुरू किया। गले पर गहरा कट लगने से खून काफी बह गया था। इसके उपरांत डॉक्टरों ने 8 टांके लगाकर खून के बहाव को रोका। लखन के हाथ पर भी पट्टी बांधी गई। हालांकि डॉक्टरों ने लखन को खतरे से बाहर बताया।
लखन की पत्नी की आंख के ऊपर हल्का सा गट्टू डोर का कट लगा है। हाथ में भी चोट आई है। इलाज के दौरान अस्पताल में लखन के परिजन पहुंच गए। दोनों को परिजनों के साथ घर भेज दिया गया। बिश्नाह पुलिस ने अस्पताल पहुंचकर पूरे मामले को रिपोर्ट किया। इसे बाद में मीरां साहिब पुलिस को सौंप दिया गया।
क्षेत्र में प्रतिबंध के बावजूद धड़ल्ले से बिक रही गट्टू डोर, कोई कार्रवाई नहीं
क्षेत्र में 15 अगस्त और जन्माष्टमी पर पतंगबाजी बड़े पैमाने पर की जाती है। इसके चलते एक माह पहले ही पतंगें उड़नी शुरू हो जाती हैं। ज्यादातर पतंगबाज गट्टू डोर का इस्तेमाल करते हैं। हैरानी इस बात की है कि गट्टू डोर पर प्रतिबंध लगा होने के बावजूद ये डोर बाजारों में धड़ल्ले से बिक रही है। इससे राहगीरों की जान खतरे में पड़ती है। गट्टू डोर जगह-जगह तारों पर लटकी रहती है। इसकी चपेट में आकर बाइक सवार घायल हो रहे हैं। हर साल गट्टू डोर से जख्मी होने के कई मामले सामने आते हैं। जिला प्रशासन भी गट्टू डोर की बिक्री पर प्रतिबंध लगाने में विफल रहा है। स्थानीय लोगों ने पुलिस और प्रशासन से गट्टू डोर के खिलाफ संयुक्त रूप से ऑपरेशन शुरू करने की मांग की। इस डोर की बिक्री करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
इस मुद्दे पर एसडीपीओ आरएस पुरा गुरमीत सिंह ने कहा कि प्रतिबंधित गट्टू डोर की बिक्री पर पुलिस काफी सतर्क रहती है। बाजारों में दबिश देकर गट्टू डोर को जब्त किया जाता है। गट्टू विक्रेताओं के खिलाफ भी मामले दर्ज किए जाते हैं। उन्होंने कहा कि गट्टू डोर की कहीं भी बिक्री हो पुलिस को सूचित किया जाए।समय रहते कार्रवाई की जाएगी।