राजोरी। शहर के जवाहर नगर स्थित श्री राम कृष्ण आश्रम में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में वीरवार को श्री कृष्ण के नामकरण और बाल लीलाओं का वर्णन किया गया। कथा वाचक पंडित दामोदर ने बताया कि श्री कृष्ण का जन्म देवकी और वसुदेव के घर हुआ था। उनके जन्म के बाद वसुदेव ने उन्हें गोकुल में नंद और यशोदा के पास भेज दिया, जहां उनका पालन-पोषण हुआ। नंद और यशोदा ने उनका नाम कृष्ण रखा, जिसका अर्थ है काला या आत्मा ।
श्री भागवत कथा में कृष्ण की बाल लीलाओं का वर्णन बहुत विस्तार से किया गया है। कुछ प्रमुख लीलाओं में कृष्ण अपने दोस्तों के साथ मिलकर यशोदा के घर से माखन चुराते थे। कृष्ण गोपियों के साथ खेलते थे और उन्हें अपने बांसुरी की धुन पर नचाते थे। यमुना नदी में रहने वाले कालिया नाग का वध किया। इंद्र देव का गुमान तोड़ने के लिए गोवर्धन पर्वत को अपनी उंगली पर उठाया। पुतना नामक राक्षसी का वध किया।