ज्यौड़ियां। खौड़ तथा ज्यौड़ियां क्षेत्र में धान की फसल की रोपाई का काम लगभग खत्म हो गया है और किसान अब फसल की देखभाल में जुटे हैं। क्षेत्र में जिन किसानों को धान की रोपाई किये 20 से 25 दिन हो गए हैं, वे कृषि विभाग से सलाह लेकर खेतों में छिड़काव कर रहे हैं। किसान पवन चौधरी, अशोक कुमार तथा बचन सिंह ने बताया कि हमें अगर कोई फसल में बीमारी दिखे तो हम लोग कृषि विभाग के कार्यालय में जाकर अधिकारियों से मदद लेते हैं। एग्रीकल्चर विभाग के अधिकारी संजीव चौधरी ने बताया कि फसल को पोस्ट इमर्जेंसी स्प्रे कर सकते हैं। किसान भाई छिड़काव से पहले खेत से पानी बिल्कुल निकाल लें और छिड़काव के दो या तीन दिन के पश्चात धान के उस खेत में फिर से पानी लगा दें। चौधरी ने बताया कि फसल की रोपाई के दो या तीन हफ्ते के बाद धान के पौधे के नीचे वाले पते अगर रूसटी बरोन पड़ने लगे तो हमें समझ लेना चाहिए कि यह जिंक की कमी के कारण हो रहा है। फसल को बचाने के लिये जिंक सल्फेट मोनोहाईडरेट का छिड़काव प्रति एकड सोलह किलो करना चाहिये।