अखनूर। सीमावर्ती क्षेत्र अखनूर में भारतीय सेना ने नड़ाई/नरयाई खड्ड क्षेत्र में बकरवाल समुदाय के बच्चों के लिए प्राथमिक कक्षाओं की शुरुआत की। यह पहल सेना के सिविक एक्शन और आउटरीच कार्यक्रम के अंतर्गत शुरू की गई है। इसका नाम डेरों से विद्यालय तक ज्ञान की नई राह, रखा गया है।
घुमंतू जीवन शैली के कारण बकरवाल समुदाय के कई बच्चे नियमित स्कूल शिक्षा से वंचित रह जाते हैं। इस समस्या को ध्यान में रखते हुए सेना ने उनके डेरे के नजदीक ही शिक्षा की व्यवस्था कर बच्चों को बुनियादी पढ़ाई से जोड़ने का प्रयास किया है।
कार्यक्रम के तहत केवल पढ़ाई ही नहीं, बल्कि बच्चों को स्वच्छता, साफ-सफाई, स्वास्थ्य और अच्छे व्यवहार की भी जानकारी दी जा रही है ताकि उनका समग्र विकास सुनिश्चित हो सके। सेना के जवानों ने स्वयंसेवी भाव से बच्चों को पढ़ना-लिखना, बुनियादी गणित और सामान्य ज्ञान की कक्षाएं दीं।
बच्चों को पढ़ाई के प्रति आकर्षित करने के लिए कहानी सुनाने, खेल-खेल में सीखने और रोचक गतिविधियों का सहारा लिया गया।
एक वरिष्ठ सैन्य अधिकारी ने बताया कि भारतीय सेना बकरवाल बच्चों की शिक्षा और उनके भविष्य को संवारने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि यह पहल शिक्षा की खाई को पाटने और प्रतिभाशाली बच्चों को आगे बढ़ने का अवसर देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। स्थानीय अभिभावकों और समुदाय के लोगों ने इस प्रयास का स्वागत करते हुए भारतीय सेना का आभार जताया।