किश्तवाड़ जिले के सुदूर जंगल में छिपे आतंकियों के साथ मुठभेड़ में सेना के नायब सूबेदार (जेसीओ) राकेश कुमार बलिदान हो गए, जबकि 3 अन्य जवान घायल हैं। सुरक्षाबलों ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर रखी है।
किश्तवाड़ जिला आतंकी घटनाओं की दृष्टि से काफी संवेदनशील रहा है। 1990 के दशक में जब आतंकवाद अपने चरम पर था उस दौरान चिनाब घाटी दहशतगर्दी का एक प्रमुख केंद्र थी।
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इसके बाद सरकारों ने स्थानीय लोगों की मदद से खुफिया नेटवर्क तैयार किया। ग्राम रक्षा समितियों का गठन किया गया। इनकी मदद से सरकार ने धीरे-धीरे स्थिति पर काबू पा लिया।
पिछले कुछ वर्षों में किश्तवाड़, डोडा, रामबन इलाकों में आतंकवाद को फिर से जिंदा करने की साजिश रची जा रही है। समय-समय पर दहशत फैलाने के लिए आतंकी घटनाओं को अंजाम दिया जा रहा है।
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किश्तवाड़ में 1 नवंबर 2018 को आतंकियों ने भाजपा नेता अनिल परिहार और उनके भाई अजीत परिहार की गोली मारकर हत्या कर दी थी। यह घटना काफी लंबे समय के बाद हुई थी। इसके बाद इसी वर्ष 11 जून को दहशतगर्दों ने डोडा के चटर गल्ला के ऊपरी इलाके में सुरक्षाबलों पर हमला किया।
इसमें राष्ट्रीय राइफल्स के पांच सैनिक और एक विशेष पुलिस अधिकारी घायल हुए थे। स्थानीय लोग बताते हैं कि इलाके में 2018 से पहले सुरक्षा बलों की संख्या घटाने व ग्रामीण नेटवर्क के शिथिल होने के कारण दहशतगर्दो को अपनी जड़ें जमाने का मौका मिला।
किश्तवाड़ में जेसीओ बलिदान
किश्तवाड़ जिले के सुदूर जंगल में छिपे आतंकियों के साथ मुठभेड़ में सेना के नायब सूबेदार (जेसीओ) राकेश कुमार बलिदान हो गए, जबकि 3 अन्य जवान घायल हैं। सुरक्षाबलों ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर रखी है। तीन से चार आतंकी घिरे हुए हैं। इनमें जैश-ए-मोहम्मद के दहशतगर्द हैं जो ग्राम रक्षा गार्ड (वीडीजी) की हत्या में शामिल थे।
बलिदानी जेसीओ हिमाचल के मंडी जिले के रहने वाले थे। अधिकारियों के अनुसार, कोंतवाड़ा के जंगलों में दो ग्राम रक्षा गार्डों की हत्या के बाद सुरक्षाबल इलाके में तलाशी अभियान चला रहे हैं। रविवार सुबह करीब 11 बजे केशवान के जंगल में उन्हें संदिग्ध गतिविधियां नजर आईं।
आतंकी नजर आने पर जवानों ने उन्हें ललकारा तो दोनों तरफ से गोलीबारी शुरू हो गई। गोलीबारी में एक नायब सूबेदार व तीन जवान घायल हो गए। गोलीबारी के बीच सभी घायलों को निकाल कर अस्पताल पहुंचाया गया। अस्पताल में 2 पैरा के नायब सूबेदार बलिदान हो गए। मुठभेड़ स्थल वीडीजी की हत्या वाली जगह से कुछ किलोमीटर दूर है।