मां वैष्णो की प्राकृतिक गुफा के कपाट करीब एक साल बाद भक्तों के लिए बुधवार को खोल दिए गए। इस दौरान श्रद्धालु प्राकृतिक गुफा से गुजरकर मां की पिंडियों के दर्शन कर सकेंगे। प्राकृतिक गुफा कुछ दिन ही खुली रहेगी। प्रतिवर्ष सर्दियों के मौसम में श्रद्धालुओं की संख्या कम होने पर इस गुफा को खोला जाता था परंतु कोरोना के कारण इस बार ऐसा नहीं हो सका।
मान्यताओं के अनुसार, प्रत्येक वर्ष मकर संक्रांति के मौके पर इस गुफा को खोला जाता था। इस वर्ष भी खोला गया परंतु कोरोना महामारी के कारण सिर्फ पूजा-अर्चना के लिए। भक्तों को वहां से जाने की अनुमति नहीं दी गई थी। इसके बाद बुधार को श्रद्धालुओं की संख्या लगभग छह हजार पहुंचने के बाद इसे खोलने का फैसला किया गया। हालांकि गुफा कब तक खुली रहेगी इस बारे में कोई आधिकारिक जानकारी नहीं है।
बुधवार को छह हजार भक्त पहुंचे
श्राइन बोर्ड के सीईओ रमेश कुमार ने बताया कि बुधवार शाम तक छह हजार भक्त मां के दर्शन करने के लिए भवन की ओर रवाना हो चुके हैं। इस साल अभी तक 5.17 लाख भक्त मां के दरबार में माथा टेक चुके हैं।