आरएस पुरा। एकीकृत बाल विकास परियोजना (आईसीडीएस) कार्यालय परिसर में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस को पोषण महोत्सव के रूप में मनाया गया। कार्यक्रम में आंगनबाड़ी वर्कर व हेल्पर्स ने नाटक, गीत, कविताओं के माध्यम से बेटी पढ़ाओ बेटी बचाओ अभियान और मां-बच्चे के पोषण के महत्व के बारे में जागरूक किया। साथ ही लड़कियों के लिए विभिन्न सरकारी योजनाओं के बारे में जानकारी दी। इस दौरान कहा गया कि बेटी के जन्म लेने पर उसे एक त्यौहार के रूप में मनाया जाए। आज बेटी व बेटे में कोई अंतर नहीं है। बेटों की ही तरह बेटियां भी हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं।
निदेशक आईसीडीएस जम्मू नीतू गुप्ता ने कहा कि विभाग सरकार की ओर से महिलाओं व बच्चों के लिए शुरू किए गए कार्यक्रम व योजनाओं को जमीनी स्तर पर लागू कर रहा है। इसमें सबसे ज्यादा योगदान आंगनबाड़ी वर्कर व हेल्पर्स का है। उन्होंने कहा कि आज महिलाएं समाज में बदलाव लाने में सक्षम हैं। महिला चाहे तो समाज को एक नई दिशा दे सकती है। उन्होंने कहा कि सरकार ने बेटियों के लिए कई योजनाएं बनाई हैं और लोगों को इसका लाभ लेना चाहिए। उन्होंने आंगनबाड़ी वर्करों व हेल्पर्स से अपील की वह विभाग की योजनाएं लोगों तक पहुंचाएं। इस दौरान उप निदेशक जम्मू अतुल गुप्ता व अन्य अधिकारी मौजूद रहे। आईसीडीएस प्रोजेक्ट अधिकारी आरएस पुरा नीरज भार्गव की देखरेख में कार्यक्रम आयोजित किया गया।