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किसानों के उत्पादों के लिए प्रदेश में एयर कार्गो सेवा जल्द शुरू होगी : एलजी

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जम्मू। प्रदेश में कृषि पैदावार को एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाने के लिए एयर कार्गों सेवाएं जल्द शुरू की जाएंगी। साथ ही ड्राईपोर्ट सुविधा भी जल्द ही किसानों को मिलेगी। सांबा में ड्राईपोर्ट के लिए कार्यवाही आरंभ हो गई है। किसान मेलों को पंचायत और ब्लाक स्तर पर भी करवाया जाए। इससे जागरूकता बढ़ेगी, किसान ज्यादा आय अर्जित कर सकेंगे।
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यह बातें उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने स्कॉस्ट जम्मू के परिसर में पांच दिवसीय किसान मेले के शुभारंभ पर कही। उन्होंने कहा कि स्कॉस्ट जम्मू के वैज्ञानिक नई-नई तकनीकों को सांझा करें। पड़ोसी राज्यों से भी तकनीक की मदद ली जाए। किसानों तक योजनाओं का लाभ भी पहुंचाया जाए। मेले के आयोजन का मुख्य उद्देश्य किसानों को जागरूक करना है। उन्होंने वैज्ञानिकों को विशेष तकनीक पर काम करने को कहा। ऐसी तकनीक विकसित करें जो दूसरी यूनिवर्सिटी के साथ भी सांझा की जाए।
वीसी जेपी शर्मा ने कहा कि पैकेजिंग, प्रोसेसिंग और ब्रांडिंग सुविधा भी होनी चाहिए। इससे किसानों के उत्पाद को पहचान मिलेगी और आय भी बढ़ेगी। किसानों को इस बार भी हाल में लांच की गई धान की नई किस्में भी मुहैया करवाई जाएंगी। किसानों को आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है। वैज्ञानिकों द्वारा विकसित की जा रही तकनीकों को यूनिवर्सिटी तक सीमित न रखा जाए। तकनीक को गांव-गांव में किसानों तक पहुंचाया जाए।
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किसान मेले होंगे पंचायत और ब्लाक स्तर पर भी
एलजी ने कहा कि किसान मेलों को पंचायत और ब्लाक सतर पर भी करवाया जाए। इससे जागरूकता बढ़ेगी, किसान ज्यादा लाभ अर्जित कर सकेंगे। साथ ही किसानों को फसल बेचने के लिए खरीददारों से भी जोड़ा जाएगा। अब समय आ गया है कि बागवानी, डेयरी फार्मिंग और कृषि इंजीनियरिंग विभागों को भी शुरू किया जाए। कृषि पैदावार के लिए एयर कार्गों सेवाएं और ड्राईपोर्ट सुविधा भी दी गई है। उपराज्यपाल ने जम्मू क्षेत्र में कृषि उत्पादकता और स्थिरता में सुधार के लिए विश्वविद्यालय द्वारा विकसित नवीन तकनीकों के प्रदर्शन पर ध्यान केंद्रित को कहा। कृषि विश्वविद्यालयों की मदद से पंचायत स्तर पर अभिनव मॉडल संग्रह केंद्रों की स्थापना की जाए। उन्होंने सभी प्लेटफार्मों पर प्रगतिशील और पुरस्कार विजेता किसानों की सफलता की कहानियों को बढ़ावा देने के लिए भी जोर दिया। इस मौके पर प्रधान सचिव नवीन कुमार चौधरी ने भी केंद्र सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं पर विस्तृत जानकारी दी।
मेले में लगे 200 से ज्यादा स्टाल
मेले में 200 से ज्यादा स्टाल अलग-अलग विभागों और स्वयं सेवी संस्थाओं द्वारा लगाए गए। मेले में यूनिवर्सिटी के मौसम विभाग से खेती के लिए महत्वपूर्ण जानकारियां सांझा की गईं। वैज्ञानिक वीना शर्मा ने कहा कि किसानों को उपकरणों के माध्यम से मौसम संबंधी जानकारी मुहैया करवाई गई है। इसके अलावा किसानों के सुझाव भी लिए गए हैं। इसके अलावा बागवानी, फ्लोरीकल्चर, वेटनरी, कृषि, जेएंडके बैंक के अलावा अन्य विभागों ने भी प्रदर्शनी में जानकारियां मुहैया करवाईं। देशी उत्पादकों को भी प्रदर्शनी में रखा गया। इसके अलावा 30 लीटर दूध देने वाली गाय, मारवाड़ी घोड़ी, दस किलो का मुर्गा भी प्रदर्शनी में आकर्षण का केंद्र रहा। किसानों को पशुओं की देखभाल के लिए भी जागरूक किया गया।
किसानों को खाने और ठहरने की सुविधा
मेला पांच दिन तक चलेगा। मंगलवार को शुरू हुए मेले में किसानों के लिए चाय और लंच की भी व्यवस्था थी। किसानों को रात को ठहरने की सुविधा भी दी गई है।
दुधारू पशु यूनिवर्सिटी के माध्यम से खरीदेंगे
किसान सुभाष चंद, केवल कुमार निवासी कठुआ, अश्वनी कुमार निवासी आरएस पुरा, सोम दत्त, शंकर दास निवासी घरोटा ने बताया कि वह मेले में भाग लेने आए हैं। सभी कंडी इलाकों से हैं। परंपरागत ढंग से खेती कर रहे हैं। खेतों में नई वैरायटी के बीज अभी तक नहीं बोए गए हैं। वे देशी गाय का ही पालन करते हैं। मेले में उन्हें ज्यादा दूध देने वाले पशुओं के बारे में भी जानकारी मिली है। दुधारू पशुओं को यूनिवर्सिटी के माध्यम से खरीदा जाएगा।
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