उधमपुर। बढ़ती महंगाई के बीच केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को एक और झटका दिया है। सरकार ने सब्सिडी के (14.5 किलोग्राम) रसोई गैस सिलिंडरों की वार्षिक संख्या को घटाकर चार कर दिया है जिससे घरेलू बजट संभालना मुश्किल होता जा रहा है। योजना फिर धुएं का रूप ले रही है क्योंकि इतने महंगे सिलिंडर बाहर से खरीदना हर किसी के बस की बात नहीं है।
प्रधानमंत्री उज्जवला योजना मई 2016 में गरीब परिवारों की वयस्क महिलाओं को जमा मुक्त एलपीजी कनेक्शन प्रदान करने के लिए शुरू की गई थी। जिले से 4709 लाभार्थी हैं। बढ़ती महंगाई के दौर में राहत में कटौती का निर्णय औसत घरेलू खपत के स्तर को देखते हुए लिया गया है। इससे पहले साल में 12 सिलिंडर मिलते थे जिसे बाद में घटाकर नौ किया गया था। अब फिर कटौती करते हुए संख्या केवल चार कर दी गई। सरकार के इस फैसले के बाद उज्ज्वला योजना से जुड़े परिवारों में चिंता और निराशा बढ़ गई है।
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एक तरफ रसोई गैस के दाम लगातार बढ़ रहे हैं, दूसरी तरफ सब्सिडी का दायरा कम किया जा रहा है। इससे घरेलू बजट पर अतिरिक्त बोझ पड़ने लगा है।
- रेखा देवी
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सिलिंडर, राशन और अन्य आवश्यक वस्तुओं की बढ़ती कीमत ने घर का खर्च बढ़ा दिया है। ऐसे में सिलिंडरों की संख्या कम होने से गरीब परिवारों का जीना मुश्किल हो जाएगा।
- करतारो देवी
उज्ज्वला योजना ने गांवों और गरीब परिवारों को धुएं से राहत दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है लेकिन बढ़ती कीमत और सब्सिडी में कटौती से योजना का लाभ कम होता जा रहा है।
- रितेश कुमार
सरकार को आम लोगों की जेब का भी ध्यान रखना चाहिए। महंगाई लगातार बढ़ रही है। गैस सिलिंडर भरवाना पहले ही मुश्किल हो गया है। अब सब्सिडी कम होने से और परेशानी होगी।
-वर्षा शर्मा