जम्मू। लद्दाख की तरफ विदेशी सैलानी खिंचे चले आते हैं। टूर ऑपरेटरों को भी उनकी वजह से अच्छी आय होती है, पर क्षेत्रीय पंजीकरण का मसला उनके गले की फांस बन गया है। विदेशी सैलानियों को परमिट जारी होने में देरी से उन्हें आशंका है कि कहीं लद्दाख से विदेशी सैलानी मुंह न मोड़ने लग जाएं। आमतौर पर साल भर में 40 हजार पर्यटक लद्दाख पहुंचते हैं।
दरअसल, लद्दाख में एक ही वीपीएन काउंटर है। विदेशी पर्यटकों को परमिट के लिए एफआरआरओ यानी फॉरेन रीजनल रजिस्ट्रेशन ऑफिस के पोर्टल पर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराना पड़ता है। कभी इंटरनेट कनेक्टिविटी की वजह से तो कभी डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन में ज्यादा समय लगने से उन्हें परमिट मिलने में देरी होती है। कई बार केवल आपका आवेदन प्रक्रिया में है...लिखे संदेश का ईमेल मिलता है।
कोट
टूर ऑपरेटर्स की मांग है कि गृह मंत्रालय इस मामले में दखल दे और परमिट जारी करने की पावर डीसी को सौंपी जाए ताकि विदेशी पर्यटकों के लिए परमिट आसानी से और तत्काल जारी हो सकें।
-सेवांग नमग्याल, महासचिव, ऑल लद्दाख टूर ऑपरेटर्स एसोसिएशन।