अमर महल में आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय पर्यटन मंत्री गजेंद्र शेखावत को बशोली चित्रकला की प्र
जम्मू। डोगरा परिवार ने अमर महल में 50 वर्ष पूरा होने पर समारोह का आयोजन किया। इसमें मुख्य अतिथि के तौर पर केंद्रीय मंत्री गजेंद्र शेखावत पहुंचे। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि मोदी सरकार देश भर में एक करोड़ से अधिक पांडुलिपियों को संरक्षित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए ट्रस्ट के चेयरमैन पूर्व केंद्रीय मंत्री डाॅ. कर्ण सिंह ने जम्मू-कश्मीर की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने और बढ़ावा देने में अमर महल संग्रहालय की भूमिका पर प्रकाश डाला। केंद्रीय मंत्री ने इस अवसर पर कहा कि ट्रस्ट की तरफ से पर्यटन, जम्मू कश्मीर की संस्कृति को जिस तरह बढ़ावा दिया जा रहा है, वह सराहनीय है। इस तरह के आयोजनों से जम्मू कश्मीर की संस्कृति को बढ़ावा मिलता है। उन्होंने डाॅ. कर्ण सिंह की भूमिका पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार राष्ट्रीय पांडुलिपि मिशन के तहत देश भर में एक करोड़ से अधिक पांडुलिपियों को संरक्षित करने के लिए प्रतिबद्ध है। इससे भविष्य की पीढ़ियों के लिए अमूल्य ग्रंथों और शास्त्रों की सुरक्षा होगी। बसोहली चित्रकला परंपरा की प्रशंसा करते हुए उन्होंने इस कला रूप की गुरु-शिष्य परंपरा को आगे बढ़ाने में अपनी रुचि व्यक्त की, जिसे वर्तमान में जम्मू और कश्मीर के शाही परिवार द्वारा संरक्षित किया जा रहा है। इसके पहले तवी महोत्सव की मुख्य समन्वयक डाॅ. ज्योत्सना सिंह ने महोत्सव, इसकी परंपराओं की जानकारी दी। इसमें बताया कि डॉ. करण सिंह तथा महारानी यशोराज लक्ष्मी की तरफ से 150 वर्ष पुरानी ऐतिहासिक इमारत में 1975 में स्थापित अमर महल संग्रहालय व पुस्तकालय की स्थापना की थी।
इस मौके पर युवराज विक्रमादित्य सिंह ने केंंद्रीय मंत्री को बसोहली चित्रकला की एक लघु प्रति भेंट की। परिसर में एक मेले का भी आयोजन किया गया। इसमें जम्मू कश्मीर की सांस्कृतिक परंपराओं को प्रदर्शित करते लोक नृत्य, संगीत का प्रदर्शन कलाकारों ने किया। इस कार्यक्रम में युवराज विक्रमादित्य सिंह, एमके अजातशत्रु सिंह, आरके मार्तंड सिंह, राजकुमारी डॉ. ज्योत्सना सिंह, युवरानी चित्रांगदा राजे सिंह, कुंवरानी रितु सिंह आदि मौजूद थे।