जम्मू। प्रदेश भाजपा के संगठनात्मक चुनाव में इस बार उम्र के मानकों के चलते जोड़तोड़ के साथ उथल पुथल जारी है। पार्टी के प्रदेश में 27 जिलों में लगभग जिला अध्यक्षों के चेहरे बदलने की तैयारी है। इसके साथ 228 मंडल अध्यक्षों में भी बड़ा फेरबदल होगा। लेकिन अनुभवी नेताओं को पार्टी के विभिन्न मोर्चा, प्रकोष्ठों, विभागों और अन्य समितियों में एडजेस्ट करने की भी तैयारी की जा रही है। पार्टी अपने वरिष्ठ और उम्रदराज नेताओं के अनुभव का लाभ पाकर आगामी पंचायत और दूसरे चुनाव में बेहतर प्रदर्शन की रणनीति पर काम कर रही है।
पार्टी की ओर से आगामी 5 जनवरी तक मंडल, 10 जनवरी तक जिला और 15 जनवरी तक प्रदेशाध्यक्ष का चुनाव करवाना प्रस्तावित है। पिछले लंबे अंतराल के बाद संगठनात्मक चुनाव करवाए जा रहे हैं, जिसमें नए चेहरों को लाने के साथ अनुभवी नेताओं को विभिन्न क्षेत्रों में एडजेस्ट किया जाएगा। भाजपा के मोर्चा में युवा मोर्चा, महिला मोर्चा, अल्पसंख्यक मोर्चा, ओबीसी मोर्चा, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और किसान मोर्चा काम कर रहे हैं। इसी तरह 25 से 30 प्रकोष्ठ और विभाग होते हैं। पार्टी की रचना में पहले राज्य इकाई, फिर मोर्चा, विभाग और प्रकोष्ठ होते हैं। इसमें विभागों में प्रभारी नियुक्त किए जाते हैं, जबकि प्रकोष्ठ में संयोजक बनाए जाते हैं। विभागों का काम आंतरिक रहता है। इसी तरह प्रकोष्ठ विभिन्न वर्गों से जुड़े होते हैं, जो उसी वर्ग के लिए काम करते हैं। इसी तरह मोर्चा भी संबंधित समुदाय के लिए काम करता है।
चुनाव प्रक्रिया पारदर्शी-प्रदेशाध्यक्ष
प्रदेशाध्यक्ष सत शर्मा का कहना है कि पार्टी के संगठनात्मक चुनाव की प्रक्रिया चल रही है। यह चुनाव पारदर्शी तरीके से करवाए जा रहे हैं। वहीं, जम्मू कश्मीर के प्रभारी तरुण चुघ ने चुनाव में निर्धारित उम्र मानकों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए हैं। इसमें मंडल अध्यक्ष के लिए 35 से 45 और जिला अध्यक्ष के लिए 45 से 60 साल की उम्र तय की गई है।