जम्मू। जम्मू-कश्मीर के नौ उच्च शिक्षा संस्थानों के लिए प्रधानमंत्री उच्चतर शिक्षा अभियान (पीएम-यूएसएचए) के तहत 85 करोड़ रुपये की परियोजनाओं को मंजूरी मिली है। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने इसे मंजूरी दी है।
इसके तहत बाबा गुलाम शाह बादशाह विश्वविद्यालय (बीजीएसबीयू) राजोरी को अपने बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए 20 करोड़ रुपये मिलेंगे। इस राशि से शिक्षण संस्थानों में छात्रावास निर्माण व अन्य विकास कार्य करवाए जाएंगे। परियोजना अनुमोदन बोर्ड (पीएबी) की बैठक के दौरान यह निर्णय लिया गया है।
उच्च शिक्षा के बुनियादी ढांचे को बदलने और क्षेत्र में समावेशिता व उत्कृष्टता को बढ़ावा देने के तहत यह कदम उठाया गया है। इसके अलावा फोकस जिलों में बांदीपोरा, बारामुला, कुलगाम, रामबन और उधमपुर में पांच नए गर्ल्स हॉस्टल बनाए जाएंगे। प्रत्येक के लिए 10 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। बांदीपोरा, सोगाम कुपवाड़ा और नौशेरा में तीन सरकारी डिग्री कॉलेजों को भी बुनियादी ढांचे के विकास और उन्नयन के लिए पांच-पांच करोड़ रुपये मिलेंगे। पीएम-यूएसएचए को बुनियादी ढांचे, पाठ्यक्रम सुधार और रोजगार क्षमता को बढ़ावा देने के लिए डिज़ाइन किया गया है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 के सिद्धांतों के अनुरूप, इस योजना का उद्देश्य गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तक समान पहुंच सुनिश्चित करना है। विशेष रूप से कम प्रतिनिधित्व वाले समूहों के लिए, ताकि समावेशी और गतिशील उच्च शिक्षा पारिस्थितिकी तंत्र को बढ़ावा मिले। जम्मू-कश्मीर के उच्च शिक्षा विभाग ने 47 संस्थानों के लिए प्रस्ताव प्रस्तुत किया था। इसकी कुल अनुमानित लागत 585 करोड़ रुपये है। श्री माता वैष्णो देवी विश्वविद्यालय और कई कॉलेजों सहित 18 संस्थानों को 2024 में आयोजित तीन पीएबी बैठकों में पीएम-यूएसएचए के तहत मंजूरी दी गई है। अब कुल निधि 155 करोड़ हो गई है, जो क्षेत्र की शैक्षणिक आवश्यकताओं को पूरा करने में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। नए छात्रावास, उन्नत सुविधाओं की स्थापना से न केवल शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगा, बल्कि लैंगिक समावेशन को भी बढ़ावा मिलेगा।