जम्मू। स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत वाटर हार्वेस्टिंग प्रोजेक्ट पर काम अधर में लटका हुआ है। 2022 में इस पर काम शुरू होना था, लेकिन नहीं हो पाया। प्रोजेक्ट का उद्देश्य बारिश के पानी का सदुपयोग करना था।
इसके लिए घरों, सरकारी भवनों, पार्कों में पानी को एक जगह स्टोर करके सिंचाई और अन्य कामों में लाना था। नगर निगम के अधीन पार्कों में लगाए गए पौधों और फूलों के लिए गर्मी के मौसम में पानी की जरूरत रहती है। ऐसे में वाटर टैंकरों के माध्यम से छिड़काव किया जाता है। प्रोजेक्ट के तहत 2022 में तीन करोड़ की राशि स्वीकृत हुई थी। इसमें सरकारी भवनों, पार्कों में टैंक और नालियां बननी थीं।
इसके अलावा निजी भवनों में भी लोगों को वाटर हार्वेस्टिंग प्रोजेक्ट लगाने के लिए जागरूक करना था। इससे शहर में बारिश के पानी को प्रयोग में लाना था। 2022 में प्रोजेक्ट पर काम शुरू होना था लेकिन हुआ ही नहीं। परियोजना निदेशक सुनील ठुस्सू ने कहा कि परियोजना के तहत पार्कों और भवनों में जल्द ही इस प्रोजेक्ट को शुरू किया जाएगा। घरों में भी इस प्रोजेक्ट को शुरू करने के लिए लोगों को जागरूक किया जाएगा।