जम्मू। केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण (सीएटी) के बी आनंद और राजिंदर सिंह डोगरा की अध्यक्षता वाली पीठ ने सरकार को परिवहन विभाग की डीपीसी व पीएससी बुलाने का निर्देश दिया है। आवेदकों के मामलों को डीपीसी/पीएससी के समक्ष रखने को भी कहा, ताकि सहायक क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी (एआरटीओ) के पदों पर उनके प्रभारी बनाए जाने की तिथि से पूर्वव्यापी रूप से उन्हें सभी परिणामी लाभों के साथ मूल पदोन्नति दी जा सके।
सीएटी ने मोहम्मद सलीम और शम्मी कुमार द्वारा दायर याचिका पर ये आदेश पारित किया। दोनों पक्षों को सुनने के बाद सीएटी ने कहा कि यह स्पष्ट है कि एआरटीओ के पद पर विभागीय पदोन्नति के लिए न्यूनतम योग्यता मोटर वाहन निरीक्षक के रूप में केवल सात वर्ष की सेवा है। दोनों ने 2003 से 2010 तक एआरटीओ के रूप में पदोन्नति के लिए सात वर्ष की आवश्यक सेवा प्राप्त कर ली थी। इसलिए आवेदक एआरटीओ के पद पर अपनी पदोन्नति के नियमितीकरण के लिए अपने मामलों पर विचार करने के पात्र हैं।