जम्मू। भाजपा प्रवक्ता एवं मीडिया सेंटर के प्रभारी अरुण गुप्ता ने कहा है कि कांग्रेस ने पाकिस्तान के साथ सिंधु जल समझौते पर हस्ताक्षर कर बहुत अधिक रियायतें दीं और उसे बहुत कुछ सौंप दिया। इससे एक ऐसी स्थिति पैदा हुई जहां भारत, विशेषकर जम्मू और कश्मीर को नुकसान उठाना पड़ा। इस संधि को बदलने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने पाकिस्तान को इसके पुनरावलोकन के लिए नोटिस दिया है।
अरुण गुप्ता ने कहा कि पाकिस्तान को संधि की समीक्षा का नोटिस 30 अगस्त को दिया गया था और मोदी सरकार ने कहा है कि वर्तमान स्थिति में इसे बनाए रखना असंभव है क्योंकि यह एकतरफा है। गुप्ता ने याद दिलाया कि मोदी सरकार ने पिछले वर्ष 25 जनवरी को आईटीडब्ल्यू की समीक्षा का पहला नोटिस दिया था। जब कांग्रेस ने इस संधि पर हस्ताक्षर किए तो कहा गया कि पाकिस्तान के साथ उदारता से पेश आना उसकी सद्भावना जीतने में मददगार साबित होगा। उस समय दिवंगत अटल बिहारी वाजपेयी ने तत्कालीन प्रधानमंत्री नेहरू को चेतावनी दी थी कि यह भारत के हितों के लिए भविष्य में हानिकारक साबित हो सकता है। वाजपेयी की सभी भविष्यवाणियां और चेतावनियां बाद के वर्षों में सच साबित हुईं और हम जम्मू-कश्मीर में इसके परिणाम भुगत रहे हैं। पाकिस्तान ने किश्तवाड़ में 850 मेगावाट के रटले पावर प्रोजेक्ट में बाधाएं पैदा कीं और इससे वह निजी कंपनी ने इस परियोजना को छोड़ दिया, जिससे निर्माण का अनुबंध किया गया था। इस परियोजना का मूल उद्देश्य 2018 तक बिजली उत्पादन शुरू करना था।
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