जम्मू। जम्मू कश्मीर बिजनेस रूल में बदलाव की तैयारी की जा रही है। वर्ष 2019 में जम्मू कश्मीर पुनर्गठन के बाद नए जम्मू कश्मीर बिजनेस रूल 2019 लाए गए थे। इन रूल में सलाहकारों के पास शक्तियां होती हैं, जिसमें आगे आयुक्त स्तर पर देने का प्रावधान होता है। लेकिन किसी प्रदेश या राज्य में राजनीतिक सरकार होने पर मौजूदा परिस्थितियों के हिसाब से बिजनेस रूल बनाने का प्रावधान रहता है। नागरिक सचिवालय जम्मू में सोमवार को पहले दिन केबिनेट उपसमिति की पहली बैठक में जम्मू कश्मीर बिजनेस रूल पर चर्चा की गई। इस उप समिति को हाल ही में मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने गठित किया था।
सूत्रों के अनुसार सचिवालय में उप समिति के चेयरमैन उपमुख्यमंत्री सुरेंद्र कुमार चौधरी की अध्यक्षता में हुई उपसमिति की बैठक में जम्मू कश्मीर बिजनेस रूल के संशोधन पर चर्चा की गई। इसमें मंथन किया गया कि किस तरह जम्मू कश्मीर सरकार बनने के बाद नई परिस्थितियों में नए रूल कैसे बनाए जाएं। बताया गया कि जम्मू कश्मीर में मौजूदा राजनीतिक सरकार है और उसे अपने बिजनेस रूल बनाने का अधिकार है। राजनीतिक सरकारी तंत्र में मौजूदा स्थिति के मुताबिक बिजनेस रूल को बनाया जा सकता है। बैठक में सामान्य प्रशासन विभाग सहित अन्य प्रमुख विभागों के प्रशासनिक सचिवों से बिजनेस रूल के संशोधन पर चर्चा की गई। बताया गया कि सरकार के अधिकार क्षेत्र में लोकतांत्रिक व्यवस्था की बहाली के साथ मौजूदा परिस्थितियों के मुताबिक नए बिजनेस रूल बनाने पर काम किया जा सकता है। वर्ष 2018 में भाजपा-पीडीपी की गठबंधन सरकार के गिर जाने के बाद वर्ष 2019 में जम्मू कश्मीर को राज्य का दर्जा खत्म करके केंद्र शासित प्रदेश बना दिया गया था, जिसमें नए जम्मू कश्मीर बिजनेस रूल लाए गए थे। पिछले छह साल से जम्मू कश्मीर में कोई भी चुनी हुई सरकार नहीं थी और उपराज्यपाल के शासन में सारी व्यवस्थाएं चल रही थीं। लेकिन अब मौजूदा जम्मू कश्मीर सरकार है। बैठक में उपसमिति की सदस्य व मंत्री सकीना इत्तू, जावेद अहमद राणा आदि प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।