हरियाणा की तर्ज पर जम्मू कश्मीर में प्रत्येक परिवार को विशिष्ट पहचान पत्र जारी करने की तैयारी प्रदेश प्रशासन कर रहा है। हरियाणा में प्रत्येक परिवार को 14 अंकों का विशिष्ट पहचान पत्र जारी किया गया है। योजना का मुख्य उद्देश्य केंद्र और प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ सीधे योग्य परिवारों तक पहुंचाना है।
इस संबंध में हाल ही में श्री माता वैष्णो देवी विश्वविद्यालय कटड़ा में हुई राष्ट्रीय ई गवर्नेंस सम्मेलन में उप राज्यपाल मनोज सिन्हा और हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने संयुक्त रूप से डिजिटल जम्मू-कश्मीर विजन दस्तावेज को जारी किया था।
इस अवसर पर हरियाणा के मुख्यमंत्री ने कहा था कि जम्मू-कश्मीर के प्रत्येक परिवार को विशिष्ट पहचान पत्र समेत अन्य डिजिटल कवायदों को जम्मू कश्मीर में लागू करने के लिए हरियाणा पूरी मदद करेगा।
सूचना तकनीकी विभाग की आयुक्त सचिव प्रेरणा पुरी के अनुसार हरियाणा की तर्ज पर जम्मू कश्मीर में भी प्रत्येक परिवार को विशिष्ट पहचान पत्र जारी करने की योजना है। इससे जम्मू कश्मीर के परिवारों को बड़ा लाभ होगा और उन्हें जन कल्याणकारी योजनाओं का लाभ हासिल करने के लिए बार बार आवेदन नहीं करना पड़ेगा।
कांग्रेस, नेकां और पीडीपी ने जताई आपत्ति
प्रदेश में प्रत्येक परिवार को विशिष्ट पहचान पत्र जारी करने की सरकार की प्रस्तावित योजना पर कांग्रेस, नेकां और पीडीपी ने आपत्ति जताई है। कांग्रेस नेता एवं पूर्व एमएलसी रवींद्र शर्मा का कहना है कि सरकार के पास आधार कार्ड के माध्यम से पहले ही हर परिवार का डाटा है। ऐसे में अब एक और कार्ड बनाने की जरूरत क्या है। नेशनल कांफ्रेंस के संभागीय अध्यक्ष रतन लाल गुप्ता का कहना है कि लोगों को बुनियादी सुविधाएं मुहैया करवाने के बजाय प्रदेश प्रशासन लोगों का तरह तरह का डाटा एकत्रित कर रहा है। यह वास्तव में स्रोतों का दुरुपयोग करना है।
पीडीपी के नेता विरेंद्र सिंह सोनू का कहना है कि जम्मू कश्मीर में लोगों को पेश आ रही समस्याओं को अनदेखा कर प्रशासन केवल लोगों का निजी डाटाबेस एकत्रित करने में जुट रहा है। हालांकि भाजपा प्रदेश प्रशासन की प्रस्तावित योजना को सही दिशा में लिया जा रहा फैसला बता रही है।