जम्मू। हथियारों को बरामद करने के बाद आतंकी मोहम्मद यासीन ने इसकी जानकारी पाकिस्तान में बैठे आतंकी हैंडलर शाहवाज को दे दी थी। कश्मीर से निकलते ही यासीन की बात टेलीग्राम एप के जरिए शाहवाज से होने लगी थी। वह जम्मू पहुंचने, टैंकर में डीजल भरवाने से लेकर हथियार उठाने के वक्त तक उसके संपर्क में था। पकड़े जाने के बाद इनका संपर्क बंद हो गया था। इन लोगों को कश्मीर पहुंचने पर पता चलना था कि हथियार किसको देने हैं, जबकि जम्मू में हथियार किसने रखे, इसके बारे भी इनको कोई जानकारी नहीं थी। ़
वहीं यह भी बताया जा रहा है कि ट्रक का मालिक फारूक अहमद अपने बेटे फरहान अहमद के साथ यासिन के साथ आया था। इनको भी यह जानकारी थी कि टैंकर में हथियार छुपाकर रखे गए हैं। सूत्रों का कहना है कि इन लोगों ने 8 नवंबर की रात करीब 10 बजे पर्यावरण पार्क से नगरोटा की तरफ जाने वाले रास्ते पर स्थित जंगल में हथियारों को छुपाकर रखा हुआ था। इसके बदले में इनको एक लाख रुपये देने के लिए कहा गया था। वहीं पूछताछ में यह भी पता चला है कि इन लोगों ने जम्मू के रेलवे स्टेशन स्थित इंडियन ऑयल कारपोरेशन के डीपो से डीजल भरवाया था।
कई एजेंसियों ने की पूछताछ
गिरफ्तार आतंकियों से शुक्रवार को कई खुफिया एजेंसियों के अफसरों ने पूछताछ की। इनसे पूछताछ करने के बाद यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि आखिर सिद्दड़ा में हथियार किसने रखे और यह हथियार किस जगह से आए थे। एनआईए की टीम ने इन लोगों से पूछताछ की है।