जम्मू। राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) की अखिल भारतीय कार्यकारिणी के सदस्य सुरेश भैय्या जी जोशी ने शुक्रवार को अपने जम्मू प्रवास के दौरान संघ पदाधिकारियों के साथ प्रदेश के सियासी व संगठनातमक परिदृश्य की समीक्षा की।
प्रांत संघ चालक गौतम मैंगी और प्रांत प्रचारक रूपेश कुमार की मौजूदगी में संघ पदाधिकारियों से बैठक में भैय्या जी जोशी ने प्रदेश में संघ के कार्य को और मजबूत करने पर बल दिया। इससे पूर्व जम्मू की गुलशन ग्रांउड सभागार में वीरवार को महिलाओं की राष्ट्र के उत्थान में भूमिका विषय पर आयोजित संगोष्ठी में वीरवार को भैय्या जी जोशी ने कहा कि देश में जीवन के मूल्य किसी ग्रंथ अथवा कानून से नहीं, परंपरा से आए हैं। ऐसे में सामाजिक, औद्योगिक, कला एवं शिक्षा के क्षेत्र में अगर विकृति आएगी जो समाज का पतन होगा।
उन्होंने कहा, देश में हर क्षेत्र में महिलाएं अहम भूमिका निभा रही हैं। शिक्षा और सेवा में महिलाओं का योगदान अत्यधिक रहा है। विज्ञान और उद्योग जगत के अतिरिक्त सामाजिक कार्यों आदि में भी महिलाओं की भूमिका सराहनीय रही है। इससे सकारात्मक ऊर्जा समाज और देश को मिल रही है। इससे पूर्व संगोष्ठी का शुभारंभ भैय्या जी जोशी, संघ के जम्मू कश्मीर प्रांत के संघचालक डॉ. गौतम मैंगी और कार्यक्रम की अध्यक्ष सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी निर्मल शर्मा ने संयुक्त रुप से द्वीप प्रज्ज्वलित कर किया। संगोष्ठी में जम्मू महानगर की समाज के विभिन्न क्षेत्रों से संबंधित प्रबुद्ध सैकड़ों महिलाओं ने भाग लिया। संगोष्ठी का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।
भैय्या जी जोशी ने अपने संबोधन में कहा कि महिला और पुरुष समाज के दो पहिएं हैं। हर कोई सपना लेता है, हम विकसित होने चाहिएं, हमें सम्मान और सुरक्षा मिले, प्रतिष्ठा मिलनी चाहिए। यह सब संभव प्रत्यन करने से ही होगा, इसलिए हमें प्रत्यनशील रहना होगा। उन्होंने कहा कि यह सब प्राप्त करने के बाद इसके खोने से बचने का चिंतन भी आवश्यक है और यह करना पड़ेगा।