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बार-बार भूल रहे हैं तो सतर्क हो जाएं, ये अल्जाइमर के लक्षण

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जम्मू। हम सभी लोग कुछ न कुछ भूल जाते हैं, चाहे वो कोई बात हो या कहीं कोई चीज रखी है और सबसे ज्यादा परीक्षा देते समय उत्तर। अगर आप कुछ ही बातें भूल रहे हैं तो यह सामान्य है, लेकिन अगर अक्सर सभी जरूरी और गैर जरूरी बातें भूल रहे हैं तो यह गंभीर हो सकता है। इसका मतलब आप कहीं अल्जाइमर से पीड़ित तो नहीं हो रहे हैं। यह दिमागी बीमारी है, जिसे आम भाषा में भूलने की बीमारी कहा जाता है। इसमें मानव का दिमाग धीरे धीरे सिकुड़ता जाता है और आखिर में वह खुद को भी भूलकर शारीरिक और मानसिक तौर पर परेशान हो जाता है। साइकाइटरी अस्पताल जम्मू की रूटीन ओपीडी (150 से 200) में इस बीमारी से ग्रस्त दो से तीन फीसदी मरीज पहुंच रहे हैं। न्यूरोलॉजी विभाग में भी ऐसे मरीज उपचार के लिए आ रहे हैं।
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साइकाइटरी अस्पताल में कार्यरत डॉ. राकेश बनाल का कहना है कि अल्जाइमर के शुरुआती लक्षणों में हाल ही की घटनाओं या बातचीत को मरीज भूलने लगता है। बीमारी बढ़ने पर पीड़ित की याददाश्त कमजोर होने लगती है और वह रोजमर्रा के कार्यों को करने की क्षमता खो देता है। यह बीमारी लगातार पीड़ित के दिमाग को कमजोर करती जाती है और दवाओं से इसके बढ़ने की गति को ही कम किया जा सकता है। पीड़ित के व्यक्तिगत व्यवहार में बदलाव आने लगता है। धीरे-धीरे वह पुरानी चीजें भूलने लगता है और आखिर में अपना नाम तक भूल जाता है। पीड़ित के व्यवहार में बदलाव से उसमें चिड़चिड़ापन, गुस्सा बढ़ने लगता है। अमूमन सामान्य तौर पर 80-90 की उम्र में इंसान का दिमाग कमजोर होता है, लेकिन अल्जाइमर बीमारी 40-50 वर्ष के लोगों को भी होने लगती है। इसमें पाया गया है कि यह महिलाओं की तुलना में पुरुषों में अधिक होती है।
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याददाश्त कमजोर से होने वाली समस्याएं।
1. बार-बार बातों और प्रश्नों को दोहराने की आदत, ताकि उन्हें वह बात याद रहे।
2. हाल ही में कही गई बात को भूल जाना।
3. चीजें रखकर भूल जाना और फिर न मिलने पर गुस्सा करना, ब्लड प्रेशर हाई होना।
4. रोजमर्रा की वस्तुओं और करीबी लोगों के नाम भूल जाना।
5. कमजोर याददाश्त की वजह से लोगों से घुलने-मिलने में परेशानी होना।
6. व्यक्तिगत व्यवहार में परिवर्तन से पीड़ित में अवसाद, उदासीनता, समाज से दूरी बनाना, दूसरों पर अविश्वास, आक्रामकता, सोने की आदत में बदलाव, भ्रम आदि समस्याएं होती हैं।
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बचाव
1. दिमाग को तंदुरुस्त रखने के लिए हेल्दी लाइफ स्टाइल में जीवन यापन करें।
2. शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ रहें। दिनचर्या में शारीरिक गतिविधियां बढ़ाए।
3. खुद को अधिक देर तक सक्रिय रखने की कोशिश करें।
4. अपनी आदतों को पूरा करने के प्रयास करें।
5. अल्जाइमर के लक्षण दिखने पर न्यूरोलॉजिस्ट और मनोचिकित्सक से संपर्क करें।
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